यूपी के चौसा आम ने भरी वैश्विक उड़ान, भारत-यूके व्यापार समझौते के बाद पहली खेप लंदन रवाना
•APEDA और योगी सरकार की पहल से 1,200 किलो आम का निर्यात, किसानों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार का लाभ
लखनऊ, 17 जुलाई 2026।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की बागवानी उपज को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के प्रयासों तथा भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (India-UK CETA) के प्रभावी होने के बाद उत्तर प्रदेश से ताजे चौसा आमों की पहली निर्यात खेप यूनाइटेड किंगडम के लिए रवाना की गई।
लखनऊ स्थित उद्यान निदेशालय, सप्रू मार्ग से उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने हरी झंडी दिखाकर 1,200 किलोग्राम चौसा आम की पहली खेप को रवाना किया। यह खेप PSPG Consultancy Services Pvt. Ltd. द्वारा निर्यात की जा रही है और भारत-यूके CETA लागू होने के बाद प्रदेश से यूके भेजी गई पहली ताजा आम की खेप है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की कृषि और बागवानी उपज को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाकर किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार बनने के बाद से लगातार आम सहित अन्य बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया गया है और आज उत्तर प्रदेश के उत्पाद दुनिया के अनेक देशों तक पहुंच रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शुरू होने के बाद कृषि उत्पादों के निर्यात को और गति मिलेगी। इससे परिवहन लागत कम होगी और किसानों को अधिक लाभ प्राप्त होगा।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश के 825 विकास खंडों में निर्यातकों का नेटवर्क तैयार किया गया है। पहले जहां बड़े शहरों तक ही निर्यातक सीमित थे, वहीं अब लगभग हर ब्लॉक में निर्यात से जुड़े उद्यमी उपलब्ध हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश बागवानी निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड का गठन किया गया है, जो किसानों को वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप मार्गदर्शन प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का दशहरी और चौसा आम अपनी गुणवत्ता, स्वाद और सुगंध के कारण विश्वभर में पहचान बना चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि वह स्वयं पहले दो टन दशहरी आम लेकर मास्को गए थे और आज प्रदेश का आम नियमित रूप से दुबई सहित कई देशों में निर्यात किया जा रहा है।
भारत-यूके CETA के तहत यूनाइटेड किंगडम ने भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात मूल्य वाले अधिकांश उत्पादों को शुल्क-मुक्त बाजार उपलब्ध कराया है। इससे कृषि, बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के निर्यात को नई गति मिलने के साथ किसानों, एफपीओ और कृषि उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसर खुलेंगे।
कार्यक्रम में बी.एल. मीणा, बी.पी. राम, APEDA के अधिकारी, उत्तर प्रदेश बागवानी निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड के प्रतिनिधि, निर्यातक, पैकहाउस संचालक तथा बड़ी संख्या में किसान एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।





















































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