मध्यस्थता 2.0 के तहत देवरिया में वर्षों पुराना विवाद सुलझा, प्राचीनतम वाद का हुआ सफल निस्तारण
देवरिया। राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान "मध्यस्थता 2.0" के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया ने एक प्राचीनतम वाद का सफलतापूर्वक निस्तारण कराया। यह कार्य माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धनेन्द्र प्रताप सिंह के कुशल मार्गदर्शन तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अर्चना के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
प्रकरण में मध्यस्थ एवं पीएलए अध्यक्ष राकेश मिश्रा के सहयोग से अमरजीत बनाम मार्कण्डेय सिंह, निवासी जद्दू परसिया, से संबंधित वाद का निस्तारण कराया गया। यह मामला माननीय अपर सिविल जज (जू.डि.) अंकुश श्रीवास्तव, न्यायालय कक्ष संख्या-20 द्वारा मध्यस्थता के लिए प्रेषित किया गया था।
मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर विस्तृत वार्ता कराई गई। उन्हें उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों का बोध कराया गया तथा आपसी मनमुटाव को दूर करने का प्रयास किया गया। सकारात्मक संवाद के बाद दोनों पक्षकारों ने स्वेच्छा से अपने विवाद का समाधान करने पर सहमति व्यक्त की।
आपसी सहमति बनने के बाद मामले का विधिवत निस्तारण कर दिया गया, जिससे वर्षों से लंबित विवाद का शांतिपूर्ण समाधान संभव हो सका। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इसे मध्यस्थता के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया को सरल, त्वरित और सौहार्दपूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।





















































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