Latest News / ताज़ातरीन खबरें

11 दिन बाद झुका प्रशासन, एसडीएम ने जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन

•5 सूत्रीय मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई का भरोसा, एक सप्ताह से एक माह में समाधान का वादा

 देवरिया। नगर की मूलभूत समस्याओं को लेकर अटल तिराहे पर पिछले 11 दिनों से चल रहा क्रमिक अनशन आखिरकार प्रशासन के झुकने के बाद समाप्त हो गया। पूर्व नगर अध्यक्ष अजीत जायसवाल के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन को उस समय विराम मिला, जब एसडीएम शशिकांत मणि और क्षेत्राधिकारी राजेश चतुर्वेदी स्वयं अनशन स्थल पर पहुंचे और पांचों मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई का लिखित नहीं, लेकिन स्पष्ट प्रशासनिक आश्वासन दिया। इसके बाद एसडीएम ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।

अनशनकारियों ने साफ कहा कि उनका उद्देश्य आंदोलन नहीं, बल्कि नगरवासियों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान कराना है। प्रशासन के ठोस आश्वासन के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित किया गया है, लेकिन यदि तय समय सीमा में वादे पूरे नहीं हुए तो आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा।

प्रशासन ने किए ये बड़े वादे

* एक सप्ताह के भीतर पेड़ों की डालियों की कटाई कर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

* एक माह के भीतर मोहाव और पचोहा में पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।

* एक सप्ताह के भीतर नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय एवं अन्य आवश्यक स्टाफ की तैनाती होगी।

* एक माह के भीतर गौरा वाली सड़क का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।

* विद्युत विभाग के अधिकारियों की मुख्यालय पर नियमित उपस्थिति और निवास सुनिश्चित कराने के लिए कार्रवाई की जाएगी।

11 दिन तक डटे रहे अनशनकारी

अटल तिराहे पर लगातार 11 दिनों तक चले इस आंदोलन ने नगर की बदहाल बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और सड़क व्यवस्था को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। आखिरकार प्रशासनिक अधिकारियों को अनशन स्थल पर पहुंचकर वार्ता करनी पड़ी और समयबद्ध कार्रवाई का भरोसा देना पड़ा।

ये रहे मौजूद

अनशन समाप्ति के दौरान पूर्व अध्यक्ष अजीत जायसवाल, पूर्व प्राचार्य प्रो. अजय कुमार मिश्र, प्रदीप जैसवाल, मुरारी अग्रवाल, संजय बरनवाल, तारकेश्वर वर्मा, विद्यानाद पाण्डेय, मुकेश पटेल, धनजी गुप्ता, मैनेजर चौहान, जवाहर जैसवाल, मिथुन प्रसाद, धर्मेन्द्र सिंह, ब्रजेश चौहान, प्रदीप गुप्ताजितेंद्र भारत पंकज शर्मा जय प्रकाश शास्त्री विष्णु विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।

अब वादों की परीक्षा

11 दिन तक चला आंदोलन भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती प्रशासन के सामने है।


Leave a comment

Educations

Sports

Entertainment

Lucknow

Azamgarh