सुलतानपुर: कांवड़ यात्रा और श्रावण मास को लेकर डीएम-एसपी सख्त, सुरक्षा और व्यवस्थाओं के दिए कड़े निर्देश
•श्रावण और कांवड़ यात्रा को लेकर सुलतानपुर प्रशासन अलर्ट, डीएम-एसपी बोले— श्रद्धालुओं की सुरक्षा से नहीं होगा कोई समझौता
•पीस कमेटी की बैठक में विभागों को सख्त निर्देश, शिवधामों पर सफाई, पेयजल, चिकित्सा, बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था समय से पूरी करने के आदेश
सुलतानपुर। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सुलतानपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक चारू निगम की संयुक्त अध्यक्षता में जनपद स्तरीय पीस कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और कानून-व्यवस्था से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रत्नप्रतिया, अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह, सभी उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रमुख शिवालयों एवं कांवड़ मार्गों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए साफ-सफाई, पेयजल, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय और विश्राम स्थलों की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।
डीएम इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि श्रावण मास में बेलवाई धाम, शिवशंकर धाम, जनवारीनाथ धाम और सीताकुंड सहित जिले के प्रमुख शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने यात्रा मार्गों को साफ-सुथरा रखने, निर्बाध बिजली आपूर्ति, पर्याप्त पेयजल, अस्थायी शौचालय, बैरिकेडिंग और विश्राम स्थलों की व्यवस्था समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि प्रमुख मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, आवश्यक दवाओं तथा सर्पदंश की स्थिति से निपटने के लिए एंटी-वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
कानून-व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा में इस्तेमाल होने वाले डीजे की ऊंचाई और चौड़ाई शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप ही रहे। सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी गलत सूचना का तत्काल खंडन किया जाए। संवेदनशील स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित करने और समय रहते सुधारात्मक कार्य पूरे करने के भी निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने कहा कि यात्रा के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराई जाए तथा मेन्यू में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को स्पष्ट रूप से अलग-अलग दर्शाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा नगर निकायों को स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन, खाद्य सुरक्षा विभाग को जांच अभियान, आबकारी विभाग को अवैध शराब पर कार्रवाई, पूर्ति विभाग को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता तथा लोक निर्माण, विद्युत, परिवहन एवं यातायात विभाग को यात्रा मार्गों को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की आस्था, सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी तथा सभी विभागों की तैयारियों की लगातार निगरानी की जाएगी।





















































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