अमर शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के शहादत के 100 वर्ष, कब टूटेगी व्यवस्था की उदासीन निद्रा
देवरिया।देशवासियों एवं जनपद के लिए जागने का समय आ गया है 19 दिसंबर 2026 को काकोरी कांड के महानायक अमर शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के शहादत का 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं जिसे शताब्दी वर्ष भी कहा जाएगा जनपद के लिए यह गर्व की बात है कि उनके पवित्र अस्थियां और गुप्त समाधि जनपद के बाबा राघव दास आश्रम बरहज में सुरक्षित है लेकिन इससे भी दुखद बात यह है कि आजादी के दीवाने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने को है लेकिन आज भी राष्ट्रीय धरोहर सरकारी उपेक्षा का शिकार है।
क्या शहादत के शताब्दी वर्ष पूरे होने पर भी इस पवित्र स्थल को एक राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं मिलना चाहिए।
जनपद के जिलाधिकारी और उत्तर प्रदेश सरकार से सीधा सवाल क्या साल में सिर्फ दो दिन ( जयंती और बलिदान दिवस) पर माल्यार्पण की औपचारिकता करना ही शहीदों के प्रति सम्मान है।
क्यों अभी तक इसे एक बड़े राष्ट्रीय स्मारक और शोध केंद्र के रूप में विकसित नहीं किया गया अगर आज भी हमारा स्थानीय प्रशासन नहीं जगा तो इतिहास हमें माफ नहीं करेगा यह समाधि आश्रम की नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष की आन बान और शान है।
शताब्दी वर्ष के इस पावन मौके पर लिए हम सब मिलकर इतनी आवाज़ उठाएं की लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बैठे राजनेताओं अधिकारियों की नींद टूट जाए और अमर शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के इस समाधि स्थल और प्रतिमा को स्मारक स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशा होगा।।
इलाही वह भी दिन होगा जब अपना राज देखेंगे,
अपनी ही जमी होगी और अपना आसमान होगा।





















































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