विश्व प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी संकट में: कारीगर ब्लैक में मिट्टी खरीदने को मजबूर, मुफ्त बिजली की उठी मांग
निजामाबाद, 12 जुलाई। विश्व प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी कला से जुड़े कारीगर आज मिट्टी और बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। सोशलिस्ट किसान सभा और पूर्वांचल किसान यूनियन के संपर्क संवाद कार्यक्रम के तहत प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को निजामाबाद में ब्लैक पॉटरी कारीगरों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और सरकार से तत्काल समाधान की मांग की।
सोशलिस्ट किसान सभा के महासचिव राजीव यादव ने कहा कि आजमगढ़ की पहचान बन चुकी ब्लैक पॉटरी कला को जीवित रखने वाले कारीगरों को मिट्टी के लिए भटकना पड़ रहा है। प्रशासनिक उपेक्षा के कारण उन्हें महंगी दरों पर "ब्लैक" में मिट्टी खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने शासन से कारीगरों को नियमित रूप से मिट्टी उपलब्ध कराने तथा स्थायी मिट्टी प्रबंधन नीति बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) के तहत दुनिया में पहचान बनाने वाले ब्लैक पॉटरी कारीगरों को किसानों की तरह मुफ्त बिजली दी जाए। साथ ही उनके लिए विशेष विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की जाए, ताकि उत्पादन प्रभावित न हो। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की चेकिंग सबसे पहले कुम्हार समाज के यहां होती है, जिससे कारीगरों में असंतोष है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि आजमगढ़ से निजामाबाद तक रोडवेज बस सेवा शुरू की जाए तथा ब्लैक पॉटरी कारीगरों के मोहल्ले से शीतलधाम होते हुए कठवा पुल और कुंवर नदी तक जाने वाली सड़क का शीघ्र निर्माण कराया जाए, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुविधा मिल सके।
राजीव यादव ने कहा कि जिस कला पर पूरा आजमगढ़ गर्व करता है, उसी कला को बचाने वाले कुम्हार परिवार आज आर्थिक और बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। सरकार को उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विनोद प्रजापति, अखिलेश प्रजापति, बैजनाथ प्रजापति, महेंद्र प्रजापति, संदीप प्रजापति, जितेंद्र प्रजापति, राम अवध, उमेश प्रजापति सहित कई कारीगरों से मुलाकात की। कार्यक्रम में राजीव यादव, सत्यम प्रजापति, डॉ. राजेंद्र यादव, अवधेश यादव, हीरालाल यादव, अवनीश राय, दुर्गा यादव, अर्जुन, नंदलाल यादव और साहबदीन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

























































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