कई वर्षों बाद दो से शुरू होगी यूपीटीईटी परीक्षा, करीब 20 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल, दूसरे जिलों में मिले परीक्षा केंद्र
•तीन पासपोर्ट फोटो, मूल फोटो पहचान पत्र और एडमिट कार्ड अनिवार्य, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
लखनऊ/आजमगढ़। लंबे इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET-2026) गुरुवार, 2 जुलाई से शुरू हो रही है। प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा कई वर्षों बाद आयोजित की जा रही है। इस बार परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 955 परीक्षा केंद्रों पर पांच पालियों में होगी। करीब 19.95 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिनमें लगभग 17.67 लाख उत्तर प्रदेश और 2.27 लाख अन्य राज्यों के अभ्यर्थी हैं।
इस बार बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को अपने गृह जनपद में परीक्षा केंद्र नहीं मिला है। आयोग की व्यवस्था के तहत अनेक परीक्षार्थियों को दूसरे जिलों में केंद्र आवंटित किए गए हैं। इससे अभ्यर्थियों को सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ रही है। सोशल मीडिया पर भी अभ्यर्थी दूर-दराज के जिलों में केंद्र मिलने को लेकर अपनी नाराजगी और परेशानी जाहिर कर रहे हैं। हालांकि आयोग का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्रों का आवंटन निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया है।
परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रखी गई है। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर प्रिंटेड एडमिट कार्ड, मूल फोटो पहचान पत्र (आईडी), तीन पासपोर्ट आकार के फोटो, काला बॉल पेन तथा साधारण क्लिपबोर्ड या हार्ड बोर्ड लेकर जाना अनिवार्य किया गया है। वहीं मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने पर परीक्षा निरस्त की जा सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जाए। उन्होंने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, बिजली, चिकित्सा और सुरक्षा जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।



























































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