आजमगढ़ में स्थापित एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर रडार का अंतिम तकनीकी निरीक्षण शुरू, मौसम पूर्वानुमान होगा और अधिक सटीक
आजमगढ़, 02 जून 2026।पूर्वांचल के लिए मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन को नई मजबूती देने की दिशा में आजमगढ़ में स्थापित अत्याधुनिक एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर रडार (DWR) का अंतिम तकनीकी निरीक्षण शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की उच्च स्तरीय वैज्ञानिक टीम 01 जून से 03 जून 2026 तक जनपद के दौरे पर रहकर रडार का 'साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट' (SAT) कर रही है।
निरीक्षण दल में मौसम केंद्र लखनऊ के निदेशक डॉ. मनीष रनालकर, वाराणसी एयरपोर्ट मौसम कार्यालय के प्रभारी मनीष राय सहित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम रडार की तकनीकी क्षमता, सटीकता और कार्यप्रणाली का परीक्षण कर रही है, ताकि इसे जल्द ही पूर्ण रूप से संचालन में लाया जा सके।
मनीष राय ने बताया कि एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर रडार स्थानीय स्तर पर मौसम की निगरानी के लिए अत्यंत प्रभावी तकनीक है। इसके चालू होने के बाद आजमगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों में वास्तविक समय (रियल टाइम) में मौसम संबंधी गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी। यह रडार भारी वर्षा, ओलावृष्टि, तेज आंधी, गरज-चमक और अन्य गंभीर मौसमी घटनाओं की पूर्व चेतावनी देने में सक्षम होगा।
उन्होंने कहा कि समय रहते मिलने वाली सटीक मौसम चेतावनियां प्रशासन, किसानों और आम नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगी। इससे आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा तथा जान-माल के नुकसान को कम करने में सहायता मिलेगी।
लखनऊ मौसम केंद्र के निदेशक डॉ. मनीष रनालकर ने बताया कि यह परियोजना पूर्वांचल क्षेत्र के मौसम निगरानी नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किए गए निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भविष्य में पूरे पूर्वांचल क्षेत्र को बेहतर मौसम कवरेज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देवरिया और प्रयागराज में भी इसी प्रकार के अत्याधुनिक मौसम रडार स्थापित किए जाएंगे। इससे प्रदेश में मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।
साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट के दौरान जनपद प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह, उपजिलाधिकारी सगड़ी श्याम प्रताप सिंह, तहसीलदार नवीन निश्चल त्रिपाठी तथा आपदा विशेषज्ञ डॉ. चंदन कुमार भी उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि आजमगढ़ में स्थापित यह एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर रडार पूर्वांचल के लिए मौसम पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा तथा आपदा जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





















































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