आजमगढ़: साइबर ठगों पर SSP का शिकंजा, 7 लाख की साइबर ठगी का खुलासा; बिहार का आरोपी गिरफ्तार, स्विफ्ट कार सीज
आजमगढ़। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लगभग सात लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के एक शातिर सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी बिहार का रहने वाला है और फर्जी बैंक खातों तथा क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ठगी की रकम को नकदी में बदलने का काम करता था।
मामले के अनुसार, 17 जनवरी 2026 को दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारा महमूदपुर निवासी डॉ. शफी उज्जमां के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया खाते से ₹5,98,749 तथा केनरा बैंक खाते से ₹99,870 सहित कुल ₹6,98,619 की धनराशि बिना उनकी जानकारी के डेबिट हो गई थी। मोबाइल पर लेन-देन के संदेश मिलने पर पीड़ित ने तत्काल बैंक अधिकारियों तथा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम में मु0अ0सं0-08/2026 के तहत धारा 318(4) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात एवं नोडल साइबर क्राइम पंकज कुमार तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम आस्था जायसवाल के पर्यवेक्षण में साइबर टीम ने तकनीकी जांच शुरू की।
जांच के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबर की लोकेशन कुशीनगर जनपद के थाना कसया क्षेत्र स्थित होटल बुद्धा में प्राप्त हुई। पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर जितेन्द्र प्रसाद यादव पुत्र बुनी यादव निवासी रामसिरिया, थाना मलाही, जिला पूर्वी चम्पारण (बिहार), उम्र 26 वर्ष को हिरासत में लिया। पूछताछ में मामले में उसकी संलिप्तता सामने आने पर उसे 1 जून 2026 को शाम 5:35 बजे विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित साइबर नेटवर्क संचालित करता था। गिरोह का एक सदस्य फर्जी बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड की व्यवस्था करता था, जबकि दूसरा सदस्य साइबर ठगी की रकम इन खातों में ट्रांसफर करवाता था। गिरफ्तार आरोपी जितेन्द्र यादव खातों में आई रकम को नकदी में परिवर्तित करने का काम करता था।
वह विभिन्न पेट्रोल पंपों, जनसेवा केंद्रों और अन्य प्रतिष्ठानों पर क्रेडिट कार्ड अथवा यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर नकद राशि प्राप्त करता था। इसके बाद रकम को गिरोह के अन्य सदस्यों के बीच बांट दिया जाता था। इस तरह गिरोह साइबर ठगी की रकम को वैध लेन-देन का रूप देकर निकालता था।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन, ₹1460 नकद, दो एटीएम कार्ड, एक वोटर आईडी कार्ड, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड तथा एक स्विफ्ट कार संख्या BR06CJ0194 बरामद की गई है। पुलिस ने कार को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया है।
पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। आजमगढ़ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या साइबर ठगी की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन अथवा राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं।





















































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