बिहार में 34 साल पुराने मामले में बुजुर्ग को सजा, जेल जाते 90 वर्षीय व्यक्ति की तस्वीर पर उठे सवाल
वैशाली (बिहार)। बिहार के वैशाली जिले से सामने आई एक तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में एक अत्यंत बुजुर्ग व्यक्ति को जेल ले जाते हुए देखा जा सकता है। उम्र और शारीरिक स्थिति को लेकर यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जो व्यक्ति मुश्किल से खड़ा हो पा रहा है और चलने के लिए सहारे का मोहताज है, उसे अब जेल में सजा काटनी होगी।
जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 1992 में दर्ज एक आपराधिक मुकदमे से जुड़ा है। आरोप है कि उस समय गोलीबारी और जानलेवा हमले की घटना हुई थी, जिसमें बुजुर्ग आरोपी का नाम भी शामिल था। मामले की सुनवाई पिछले 34 वर्षों से विभिन्न न्यायिक प्रक्रियाओं से गुजर रही थी। हाल ही में अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और सजा सुनाई।
बताया जा रहा है कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपी समय के साथ या तो दिवंगत हो चुके हैं या विभिन्न कारणों से मुकदमे से बाहर हो गए। वर्तमान में यह बुजुर्ग ही मामले के एकमात्र जीवित आरोपी बचे थे, जिनके खिलाफ अदालत ने फैसला सुनाया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बुजुर्ग की उम्र 84 वर्ष बताई जा रही है, जबकि कुछ रिपोर्टों में उनकी उम्र करीब 90 वर्ष बताई गई है। उम्र को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, हालांकि आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही वास्तविक आयु की पुष्टि हो सकेगी।
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि बुजुर्ग को चलने-फिरने में काफी कठिनाई हो रही है। यही वजह है कि मामला लोगों के बीच बहस का विषय बन गया है। एक पक्ष का कहना है कि न्याय में देरी के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है, जबकि दूसरा पक्ष मानता है कि कानून के सामने सभी समान हैं और अपराध सिद्ध होने पर सजा का प्रावधान लागू होना चाहिए, चाहे आरोपी की उम्र कुछ भी हो।
फिलहाल यह मामला न्यायिक फैसले, न्याय में देरी और बुजुर्ग आरोपियों के प्रति कानूनी व्यवस्था के व्यवहार को लेकर नई चर्चा छेड़ रहा है।






















































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