148 बंडल से शुरू हुई जांच में बढ़कर 17 करोड़ पहुंची रकम, एसआईटी गठित, सीसीटीवी फुटेज में हाउसकीपर के नोटों की गड्डियों से छेड़छाड़ के संकेत
सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने से बैंकिंग महकमे में हड़कंप मच गया है। आशंका जताई जा रही है कि जाली नोट करेंसी चेस्ट में जमा कराकर उनके बदले असली नोट निकाल लिए गए। मामले की शुरुआती जांच में तीन बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर बैंक प्रबंधन ने उन्हें निलंबित कर दिया है। वहीं, करेंसी चेस्ट में नोटों की गड्डियां व्यवस्थित करने वाले पार्ट टाइम हाउसकीपर को भी हटा दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी गठित की है। बैंक मुख्यालय की टीम भी पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। निलंबित अधिकारियों में वरिष्ठ प्रबंधक मंडल कार्यालय रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा और करेंसी चेस्ट खेरा बाजार, यमुनानगर के प्रबंधक अमित कुमार शामिल हैं। पीएनबी के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की तहरीर पर कोतवाली सदर बाजार में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सोमवार को डीआईजी अभिषेक सिंह, डीएम अरविंद कुमार चौहान और एसएसपी अभिनंदन सिंह ने सोफिया मार्केट स्थित पीएनबी करेंसी चेस्ट पहुंचकर रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की। शुरुआती जांच में करेंसी चेस्ट से 148 बंडल जाली नोट बरामद हुए थे। प्रत्येक बंडल में 500 रुपये के एक हजार नोट थे। इस हिसाब से शुरुआती तौर पर 7.40 करोड़ रुपये के जाली नोट सामने आए थे। जांच का दायरा बढ़ने के साथ जाली नोटों की कुल रकम करीब 17 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और उनके बदले असली मुद्रा किस तरीके से निकाली गई। सीसीटीवी फुटेज में पार्ट टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार नोटों की गड्डियों से नोट निकालता हुआ दिखाई दे रहा है। करेंसी चेस्ट में गड्डियों को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी उसी के पास थी। पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में हरियाणा, उत्तराखंड और आसपास के जिलों में दबिश दे रही है। बताया जा रहा है कि दो नामजद बैंक प्रबंधक यमुनानगर के रहने वाले हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में शामिल अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। बैंक के कुछ अन्य अधिकारियों और शाखा प्रबंधकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। डीआईजी अभिषेक सिंह के मुताबिक, मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और जाली नोट की साजिश में कई अन्य नाम सामने आने की संभावना है। जाली नोटों का मामला सामने आने के बाद खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसियां भी मामले की जांच के लिए जिले में पहुंच सकती हैं।




















































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