मार्टिनगंज में मेडिकल शिक्षा को बड़ी सौगात, बाबा विश्वनाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज को BAMS की मान्यता
•आयुष मंत्रालय से मिली मंजूरी, क्षेत्र के छात्रों को अब अपने ही जिले में आयुर्वेद चिकित्सा की पढ़ाई का मिलेगा अवसर
दीदारगंज, आजमगढ़। मार्टिनगंज क्षेत्र के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। क्षेत्र के बनगांव स्थित बाबा विश्वनाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल को बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) पाठ्यक्रम की मान्यता भारत सरकार के आयुष मंत्रालय से प्राप्त हो गई है। मान्यता मिलने की खबर से क्षेत्र के अभिभावकों, छात्र-छात्राओं, शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों में खुशी की लहर है।
कॉलेज को मिली इस उपलब्धि को क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब NEET उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए आयुर्वेद चिकित्सा की पढ़ाई करने का अवसर क्षेत्र के नजदीक ही उपलब्ध होगा। इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों की ओर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो सकती है।
कॉलेज के निदेशक संजय कुमार सिंह और संस्थापक बाबू फौजदार सिंह ने मान्यता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे मार्टिनगंज ही नहीं, बल्कि पूरे आजमगढ़ मंडल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बच्चों को अपने ही इलाके में मेडिकल शिक्षा का अवसर मिलना अभिभावकों के लिए भी राहत की बात है।
संस्थान प्रबंधन के अनुसार कॉलेज में आधुनिक प्रयोगशालाओं, अनुभवी चिकित्सकों एवं शिक्षकों, हर्बल गार्डन तथा अस्पताल सहित आवश्यक सुविधाओं को विकसित किया गया है। संस्थान का उद्देश्य आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को आधुनिक तकनीक और चिकित्सा सुविधाओं के साथ जोड़कर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि बीएएमएस की मान्यता मिलने से क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं के नए अवसर भी विकसित होंगे। विशेष रूप से ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
क्षेत्रवासियों ने जताई खुशी
बीएएमएस पाठ्यक्रम को मिली मान्यता की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों ने इसे मार्टिनगंज के लिए गौरव का विषय बताया। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज की स्थापना और अब बीएएमएस पाठ्यक्रम की मान्यता से स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को नई दिशा मिलेगी।





















































Leave a comment