विधानसभा क्षेत्र में मतदेय स्थलों के संभाजन को लेकर एसडीम ने ली बैठक, राजनीतिक दलों द्वारा दिए सुझाव
देवरिया।आगामी चुनाव और मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रमों के मद्देनजर विधानसभा क्षेत्र 342 बरहज के अंतर्गत मतदेय स्थलों के सुव्यवस्थित संभाजन को लेकर गुरुवार को उपजिलाधिकारी कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उपजिलाधिकारी हरिशंकर लाल और तहसीलदार अरुण कुमार बरहज की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक में प्रशासन ने उन मतदेय स्थलों की सूची प्रस्तुत की, जहां मतदाताओं की संख्या के आधार पर बूथों के विलय अथवा नए बूथों के गठन का प्रस्ताव है। इस पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बूथों के भौतिक सत्यापन, दूरी और मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराईं। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि पूरी प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाएगी।निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदेय स्थलों का संभाजन तीन मानकों पर आधारित है। पहला, मतदाता संख्या—ग्रामीण क्षेत्रों में 1200 तथा शहरी क्षेत्रों में 1400 से अधिक मतदाता होने पर नए बूथ का प्रस्ताव। दूसरा, दूरी—मतदाताओं को मतदान केंद्र तक दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े। तीसरा, भौतिक स्थिति—मतदेय स्थल सरकारी या सार्वजनिक भवन, जैसे प्राथमिक विद्यालय में ही स्थापित किया जाए। राजनीतिक दलों से प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का प्रशासन भौतिक सत्यापन कराएगा। सत्यापन के बाद सभी आपत्तियों का निस्तारण करते हुए अंतिम प्रस्ताव तैयार कर जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। आयोग की मंजूरी के बाद ही नए मतदेय स्थलों की अंतिम सूची जारी होगी।
उपजिलाधिकारी ने कहा कि मतदेय स्थलों का निर्धारण निष्पक्ष और सुविधाजनक ढंग से होगा, ताकि अधिक से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
बैठक में भाजपा से सरवन सिंह, नागेंद्र सिंह, बसपा से चंद्रगुप्त यादव, कांग्रेस से मुजफ्फर हुसैन मंसूरी व कृष्णकांत दीक्षित, सपा से विधानसभा अध्यक्ष राम बहादुर यादव समेत सभी दलों के नेता मौजूद रहे।
























































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