एक बार फिर ऊर्जा मंत्री A.K शर्मा ने बिजली विभाग को लगाई कड़ी फटकार, बोले- ‘बकवास बंद करो, जनता को जवाब देना पड़ता है
लखनऊ उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने मंगलवार को अपने पुराने तेवर में नजर आए। बिजली विभाग के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने यूपीपीसीएल चेयरमैन से लेकर पूरे राज्य के कार्यकारी अभियंताओं (एक्सियन) तक को जमकर खरी-खोटी सुनाई। मंत्री की तल्ख टिप्पणियों ने पूरे विभाग को हिलाकर रख दिया।
लखनऊ में आयोजित इस बैठक में मंत्री ने करीब 10 मिनट तक यूपीपीसीएल चेयरमैन और अन्य अधिकारियों की रिपोर्ट सुनी, लेकिन इसके बाद उनके तीखे तेवर देख पूरे महकमे में खलबली मच गई। शर्मा ने बिना लाग-लपेट के अपनी बात रखी और विभाग की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताई है
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बिजली विभाग को लगाई कड़ी फटकार, बोले- ‘बकवास बंद करो, जनता को जवाब देना पड़ता है’
लखनऊ, 24 जुलाई 2025: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने मंगलवार को अपने पुराने तेवर में नजर आए। बिजली विभाग के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने यूपीपीसीएल चेयरमैन से लेकर पूरे राज्य के कार्यकारी अभियंताओं (एक्सियन) तक को जमकर खरी-खोटी सुनाई। मंत्री की तल्ख टिप्पणियों ने पूरे विभाग को हिलाकर रख दिया।
लखनऊ में आयोजित इस बैठक में मंत्री ने करीब 10 मिनट तक यूपीपीसीएल चेयरमैन और अन्य अधिकारियों की रिपोर्ट सुनी, लेकिन इसके बाद उनके तीखे तेवर देख पूरे महकमे में खलबली मच गई। शर्मा ने बिना लाग-लपेट के अपनी बात रखी और विभाग की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताई।
मंत्री के तीखे बोल:
बकवास बंद करिए – शर्मा ने साफ कहा, “आप लोग अपनी बकवास बंद करिए। मैं आपकी बकवास सुनने नहीं बैठा हूँ।”
जमीनी हकीकत से रूबरू हों – उन्होंने कहा, “नीचे जमीनी हकीकत एकदम अलग है। जनता को फेस करिए, तब मालूम पड़ेगा। मैं कई जिलों का दौरा कर कल ही लौटा हूँ।”
अंधे, बहरे, काने होकर बैठे हो – जनता की समस्याओं पर ध्यान न देने पर तंज कसते हुए कहा, “आप लोग अंधे, बहरे, काने होकर बैठे हो। जनता पर क्या बीत रही है, लोग विभाग के बारे में क्या सोच रहे हैं, यह आपको मालूम ही नहीं।”
पुलिस से भी खराब काम – झूठी रिपोर्टिंग पर नाराजगी जताते हुए बोले, “पुलिस से भी खराब काम है आप लोगों का। जो झूठी रिपोर्ट नीचे से आती है, वही ऊपर तक बताते हो।”
बिजली विभाग बनिया की दुकान नहीं – शर्मा ने कहा, “बिजली विभाग कोई बनिया की दुकान नहीं कि सिर्फ बिल वसूली के लिए काम करे। यह जनसेवा है और हमें उसी हिसाब से बर्ताव करना होगा।”
निर्दोष उपभोक्ताओं को सजा क्यों? – पूरे फीडर या गांव की बिजली काटने पर फटकार लगाते हुए कहा, “जो उपभोक्ता समय से बिल भर रहे हैं, उनकी क्या गलती? उनका जला ट्रांसफार्मर न बदलना या उचित व्यवस्था न करना कौन सा न्याय है?”
बदनाम करने की सुपारी ली है? – विभाग की नाकामी पर तंज कसते हुए बोले, “लगता है बिजली विभाग ने हमें बदनाम करने की सुपारी ले ली है।”
72 करोड़ का बिल! – बिलिंग में गड़बड़ी पर गुस्सा जताते हुए कहा, “कंप्यूटर के जमाने में सामान्य आदमी का 72 करोड़ का बिल आता है और उसे ठीक करने के लिए पैसे लिए जाते हैं।”
विजिलेंस की गलत कार्रवाई – उन्होंने कहा, “गलत जगह विजिलेंस के छापे पड़ रहे हैं। जहां बड़ी चोरी हो रही है, वहां नहीं जाते। FIR के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं।”
मौखिक बोलने से थक गया – नाराजगी जताते हुए बोले, “मैं मौखिक बोल-बोलकर थक गया। आप लोग मीटिंग में सुनने के बाद कहीं और से संचालित होकर उल्टा करते हो।”
मैं जनता के प्रति जवाबदेह – शर्मा ने साफ किया, “मैं जनता के प्रति जवाबदेह हूँ। विधानसभा में जवाब देता हूँ। आपको मनमानी करने का अधिकार किसने दिया।प्रदेश भुगत रहा खामियाजा – उन्होंने कहा, आपके गलत और असामयिक निर्णयों का खामियाजा पूरा प्रदेश भुगत रहा है। सतर्कता की कमी- संविदा कर्मियों की बर्खास्तगी, फोन न उठाने और विद्युत दुर्घटनाओं जैसे मुद्दों पर बार-बार चेतावनी के बावजूद लापरवाही पर नाराजगी जताई।
A.K शर्मा बोले अब ये सब नहीं चलेगा....
मंत्री ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि अब ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ काम करने का निर्देश दिया। साथ ही, सभी बिंदुओं को लिखित रूप में दर्ज करने और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का आदेश दिया। यह बैठक बिजली विभाग के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है। अब देखना होगा कि मंत्री के इन तीखे तेवरों का विभाग की कार्यशैली पर कितना असर पड़ता है।
























































Leave a comment