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प्रदेश में दुग्ध उत्पादन समितियों की संख्या बढ़ाई जाए - धर्मपाल सिंह

लखनऊः 25 अगस्त, उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री  धर्मपाल सिंह ने प्रदेश की सभी गोशालाओं में गोवंश संरक्षण के लिए समस्त आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कराने एवं अद्यतन स्थिति से शासन को अवगत कराने के लिए टीम-9 का गठन किये जाने के निर्देश दिए हैं। यह समिति 01 सितम्बर से 12 सितम्बर तक प्रदेश के 18 मण्डलों में  सभी गोशालाओं का निरीक्षण कर अपनी तथ्यामक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। श्री सिंह ने निर्देश दिये हैं कि बाढ़ प्रभावित जनपदों में गोशालाआंे में संरक्षित गोवंश भीगे नहीं, उनके सूखे में बैठने की उचित व्यवस्था, चारा, भूसा, प्रकाश, पेयजल एवं औषधियों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। कोई भी गोवंश भूखा न रहे और उनके टीकाकरण व औषधियों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
श्री सिंह ने आज यहां विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में गौवंश संरक्षण की अद्यतन स्थिति एवं प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाये जाने के संबंध में आहूत बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री सिंह ने गोवंश संरक्षण के संबंध में जनपद बरेली के वृहद गोसंरक्षण केन्द्र अधकटा नजराना एवं मधुनगला में प्राप्त शिकायतों की जांच कराने एवं लापरवाही करने वाले संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोसंरक्षण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही व उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने रेडियम बेल्ट अभियान में भी निरन्तर सक्रियता एवं तेजी बरतने के निर्देश दिए। वर्तमान में प्रदेश में 7624 गोआश्रय स्थलों में 1236217 गोवंश संरक्षित हैं। मा0 मुख्यमंत्री सहभागिता योजना अंतर्गत अब तक कुल 177083 गोवंश पात्र लाभार्थियों को सुपुर्द किये गये हैं।
श्री सिंह ने कहा कि टीम-9 द्वारा जनपदों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गोवंश संरक्षण से संबंधित समस्त 6 विभागों (राजस्व विभाग, पंचायतीराज विभाग, नगर विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, गृह विभाग एवं पशुपालन विभाग) की गठित समितियों (जिला स्तर, तहसील स्तर ब्लॉक स्तर व ग्राम स्तर) की बैठक आयोजित की जायेगी। प्रत्येक जनपद के गोशालाओं में भ्रमण के दौरान संज्ञान में आने वाले तथ्यात्मक वस्तु स्थिति से भी समितियों को अवगत कराया जायेगा। टीम-9 में प्रमुख सचिव, पशुधन, विशेष सचिव, पशुधन, निदेशक, प्रशासन एवं विकास, निदेशक, रोग नियन्त्रण एवं प्रक्षेत्र, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, दुग्ध आयुक्त, विशेष सचिव, दुग्ध, प्रबन्ध निदेशक, पी0सी0डी0एफ0, अपर निदेशक, गोधन तथा संयुक्त निदेशक, प्रशासन होगे।
श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन समितियों की संख्या बढ़ाई जाए। निष्क्रिय समितियों को क्रियाशील कर संचालित किया जाए। वर्तमान में संचालित समितियां बंद न होने पाए। किसानों एवं पशुपालकों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों के द्वारा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु प्रोत्साहित किया जाए।  बैठक में बताया गया कि नन्दबाबा दुग्ध मिशन के तहत 2250 समिति गठन लक्ष्य के सापेक्ष 1342 गठन पूर्ण है। कुल 1532 समितियों का गठन किया गया।
बैठक में दुग्ध विकास विभाग के प्रबंध निदेशक  वैभव श्रीवास्तव, दुग्ध आयुक्त  राकेश कुमार मिश्रा तथा पशुधन विभाग के निदेशक रोग नियंत्रण प्रक्षेत्र डा0 राजीव कुमार सक्सेना एवं दुग्ध एवं पशुधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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