Accidental News / दुर्घटना की खबरें

तीन मासूमों की जिंदगी एक पल में ख़त्म

यूपी के हरदोई जिले में टड़ियावां थाना क्षेत्र के गौरा डांडा गांव स्थित एक खेत में पानी से भरा गहरा गढ्ढा तीन बच्चों की मौत की वजह बन गया। इनमें दो बच्चे अपनी मां के साथ मामा के घर फंक्शन में आये थे तीसरा उनका दोस्त था। तीनों बाग में खेल रहे थे तभी पानी मे समा गए। हादसे से परिवार और पूरा गांव दुखी है। सीएम ने हादसे पर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
भाई के घर पुत्र होने पर ससुराल से दो बेटों के साथ आईं थीं दो बहनें
टड़ियावां थाना क्षेत्र के गौरा डांडा निवासी नरेंद्र पेशे से किसान हैं। नरेंद्र के छोटे भाई शत्रुघ्न के घर मे गत 11 जून को बेटे का जन्म हुआ था। इसी खुशी में घर मे एक कार्यक्रम रखा गया था। इसी में शामिल होने उनकी दो शादीशुदा बहनें महेश्वरी बेटे कार्तिक (7)और अंबेश्वरी बेटे दुर्गेश (7) के साथ अपने ससुराल से मायके आईं थी। शनिवार की शाम नरेंद्र का बेटा अवनीश, कार्तिक और दुर्गेश घर से बाहर खेलने चले गए।

घर से खेलने निकले थे दोनों बच्चे, ममेरे भाई के साथ पानी मे समा गए
ये तीनो बच्चे कुछ दूर स्थित बाग में खेल रहे थे। यहां से सभी पास में ही एक खेत में आ गए। इस खेत में ही एक गहरा गढ्ढा पानी से भरा हुआ मौजूद था। इसकी गहराई से अंजान बच्चे खेलते खेलते इसी में समा गए। शाम को सूरज डूब गया लेकिन तीनों छोटे बच्चे घर नहीं लौटे। चिंतित परिवार उन्हें खोजने निकला। शत्रुघ्न की नजर खेत में गढ्ढे के पास पैरों के निशान पर पड़ी। वो गढ्ढे के पास आया तो तीनों उसी में बेहोशी की हालत में पड़े मिले।

गांव में पसरा मातम, एसडीएम बोले…खनन की जांच होगी
इन्हें निकालकर सभी हॉस्पिटल की ओर भागे। सीएचसी टड़ियावां में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद सभी को मृत घोषित कर दिया। कार्तिक और दुर्गेश अपनी मां के इकलौते बेटे थे। हादसे की खबर फंक्शन से वापस जा चुके महेश्वरी और अम्बेश्वरी के पतियों को दी गई। पूरा कुनबा इन मौतों से बिलख पड़ा। पूरे गांव में मातम पसर गया। एसडीएम सदर एसके मिश्रा का कहना है कि खेत मे हुए खनन की जांच की जाएगी। अनुमति ली गई या नहीं ली गई तो तय मानकों का पालन किया गया या नहीं इसकी पड़ताल की जाएगी। दैवीय आपदा के तहत परिवार को आर्थिक मदद दी जाएगी।


Leave a comment

Educations

Sports

Entertainment

Lucknow

Azamgarh