टीबी मरीजों को मिली पोषण पोटली, प्रभारी मंत्री बोले- दवा के साथ पौष्टिक आहार भी है जरूरी
• कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पांच लाभार्थियों को वितरित की गई पोषण सामग्री, जनपद को टीबी मुक्त बनाने का लिया संकल्प ।
सुलतानपुर। क्षय रोग (टीबी) के उन्मूलन और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में शनिवार को कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने पांच टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
पोषण पोटली प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में बैजनाथ तिवारी, आदित्य तिवारी, आसाराम, शमा परवीन एवं जगप्रसाद शामिल रहे। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूर्णतः उपचार योग्य बीमारी है। मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने के साथ-साथ पर्याप्त पौष्टिक आहार भी लेना चाहिए। संतुलित एवं पोषक भोजन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और मरीज जल्दी स्वस्थ होते हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार टीबी उन्मूलन के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मरीजों को न केवल निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, बल्कि उनके पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए भी विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और समाज के सक्षम लोगों से टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार एवं पोषण में सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम में उपस्थित विधान परिषद सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह, सदर विधायक राज बाबू उपाध्याय, जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह एवं पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने भी टीबी उन्मूलन अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाने पर बल दिया। अधिकारियों ने कहा कि जनपद को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार सर्वेक्षण, जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भारत भूषण ने बताया कि टीबी की पहचान होने पर समय पर उपचार शुरू करना बेहद आवश्यक है। मरीज यदि चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार नियमित दवा लेते हैं तो बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आर.के. कनौजिया ने विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और निक्षय पोषण योजना की जानकारी दी।
कार्यक्रम में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लाल जी सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। टीबी क्लीनिक के वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक सुरेश कुमार तथा जुबेर ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई और टीबी उन्मूलन अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
कार्यक्रम के दौरान जनपद को टीबी मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जागरूकता, समय पर जांच, नियमित उपचार और बेहतर पोषण के माध्यम से ही टीबी जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

























































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