रेलवे सुरक्षा बल की बड़ी कार्रवाई: दो मोबाइल चोर गिरफ्तार, बुजुर्ग को परिवार से मिलाया, घायल यात्री की बचाई जान
देवरिया, 6 अगस्त। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पंकज चुघ के नेतृत्व में पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) यात्रियों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और मानवीय सेवा कार्यों में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। आरपीएफ द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, मानव तस्करी की रोकथाम, बचपन बचाओ अभियान और जरूरतमंद यात्रियों की सहायता के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में 5 अगस्त 2026 को आरपीएफ पोस्ट सिवान एवं राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) सिवान की संयुक्त टीम ने सिवान रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए दो शातिर मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि दोनों आरोपी छपरा–गोरखपुर रेलखंड के स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। उनके कब्जे से ओप्पो और रियलमी कंपनी के दो चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 35 हजार रुपये है। दोनों के खिलाफ रेल थाना सिवान में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, रेल मदद-139 पर प्राप्त सूचना के आधार पर गाड़ी संख्या 12566 से यात्रा कर रहे 70 वर्षीय किशोरी पासवान अपने परिजनों से बिछड़ गए थे। सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट सिवान के जवानों ने तत्काल खोजबीन कर उन्हें सुरक्षित बरामद किया और अपने संरक्षण में रखा। आवश्यक सत्यापन एवं दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें उनकी पुत्री मंजू कुमारी पासवान, निवासी जनकपुर (नेपाल), के सुपुर्द कर दिया गया। अपने परिजन को सकुशल पाकर परिवार ने आरपीएफ की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया।
एक अन्य मानवीय पहल के तहत 5 अगस्त 2026 को सुरक्षा नियंत्रण कक्ष वाराणसी से सूचना मिली कि फेफना रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 14524 से उतरते समय एक युवक गिरकर घायल हो गया है। सूचना मिलते ही आरपीएफ कांस्टेबल सतीश कुमार राय मौके पर पहुंचे और स्टेशन मास्टर से प्राप्त मेमो के आधार पर एंबुलेंस की व्यवस्था कर घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नरही (बलिया) पहुंचाया, जहां उसका प्राथमिक उपचार कराया गया। चिकित्सकों द्वारा बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किए जाने के बावजूद परिजनों ने अपनी स्वेच्छा से युवक को घर ले जाने का निर्णय लिया।
आरपीएफ की इन कार्रवाइयों ने एक बार फिर साबित किया है कि रेलवे सुरक्षा बल केवल अपराधियों पर शिकंजा कसने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा, सहायता और मानवीय सेवा के प्रति भी पूरी तरह समर्पित है।























































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