भंवरनाथ मंदिर परिसर में बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ अभियान, चार बच्चों का रेस्क्यू
आजमगढ़। बाल भिक्षावृत्ति रोकथाम अभियान के तहत गुरुवार को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी), चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने थाना कंधरापुर क्षेत्र स्थित भंवरनाथ मंदिर परिसर एवं आसपास के इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया।
अभियान के दौरान भिक्षावृत्ति करते मिले चार बच्चों का रेस्क्यू कर उन्हें बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर भविष्य में उनसे भिक्षावृत्ति न कराने की सख्त हिदायत दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना अभिभावकों की जिम्मेदारी है। बच्चों से भिक्षावृत्ति कराना न केवल उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह कानून का भी उल्लंघन है।
संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को बाल श्रम और बाल भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को चेतावनी दी गई कि किसी भी बच्चे से श्रम कराना कानूनन अपराध है और ऐसा पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
टीम ने आमजन से अपील की कि यदि कोई बच्चा बाल श्रम, भिक्षावृत्ति या किसी भी प्रकार के शोषण का शिकार दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या हेल्पलाइन नंबर 108, 112, 1090, 1930, 1098, 1076 एवं 181 पर दें, ताकि समय रहते बच्चे की सहायता और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।




















































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