गांव की गलियां बनें ग्रामीणों का हाईवे, जलनिकासी और बुनियादी सुविधाएं हों मजबूत: केशव प्रसाद मौर्य
•उप मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश, पीएम आवास, स्वयं सहायता समूह, ग्राम चौपाल और रोजगार सेवकों के मानदेय पर तेजी लाने को कहा
लखनऊ, 31 जुलाई 2026।उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन तेज, प्रभावी और धरातल पर दिखाई देने वाला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांव और गरीब का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गांवों में जलनिकासी की मजबूत व्यवस्था, गलियों का बेहतर निर्माण और अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय एक सप्ताह के भीतर, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पात्र लाभार्थियों के आवासों की स्वीकृति शीघ्र, तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के प्रशिक्षण और महिला उद्यमी केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम चौपालों का आयोजन समाधान दिवस की तर्ज पर किया जाए और जनप्रतिनिधियों को रोस्टर की प्रतियां समय से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही लंबित जांचों और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 3 करोड़ परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने, निष्क्रिय समूहों को सक्रिय करने, सभी वित्तीय लेनदेन ऑनलाइन करने और प्रशिक्षण प्रबंधन प्रणाली (TMS) पर हर माह कम से कम 1 लाख कैडरों के ऑनबोर्डिंग का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
केशव प्रसाद मौर्य ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्पादक कंपनियों, पशुपालन विभाग और अन्य संस्थाओं के साथ समन्वय बढ़ाने, आयुष्मान कार्ड से जोड़ने, 5 लाख महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से 10-10 पशु उपलब्ध कराने तथा सितंबर से नवंबर 2026 के बीच प्रदेश के 18 मंडलों में वृहद सरस मेले आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू, आयुक्त गौरी शंकर प्रियदर्शी, मिशन निदेशक अरुण कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
























































Leave a comment