मॉडल संकुल स्तरीय संघ के एम आई एस सहायक एवं लेखाकार का दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू
•एस आई आर डी मे विभिन्न विषयो पर विशेषज्ञो द्वारा दिया जा रहा है ।
लखनऊ।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब में सरकारी, अर्धसरकारी विभागों, संस्थाओं के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें अत्यधिक दक्ष और सक्षम बनाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन: उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं राज्य ग्रामीण विकास संस्थान लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में मॉडल संकुल स्तरीय संघ के एमआईएस सहायक एवं लेखाकार का दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शनिवार को ग्राम्य विकास संस्थान बक्शी का तालाब में शुरू हुआ।
अरुण कुमार, मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य मॉडल संकुल स्तरीय संघ के कैडर को तकनीकी और वित्तीय रूप से सक्षम बनाना है।
सत्र का उद्घाटन क्षेत्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के आचार्य अनुज कुमार श्रीवास्तव जी ने किया। सत्र प्रभारी डॉक्टर सीमा , मिशन मुख्यालय से आए डॉ नन्दकिशोर साह, प्रशिक्षण के संसाधन व्यक्ति मोरिस कुमार एवं जिला संसाधन व्यक्ति राघवेंद्र कुमार सिंह उपस्थित रहे। संत रविदास नगर, प्रयागराज, सिद्धार्थनगर और औरैया जनपदों से प्रतिभागी प्रशिक्षण में शामिल हुए।
डॉ नंदकिशोर साह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि यह दस दिन का प्रशिक्षण दो भागों में विभाजित है।
*प्रथम चार दिन आधारभूत पाठ्यक्रम* में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की जानकारी, संकुल स्तरीय संघ क्या है, संकुल स्तरीय संघ की नीति, मॉडल संकुल स्तरीय संघ के मानक, संकुल स्तरीय संघ की संरचना और संकुल स्तरीय संघ का पांच वर्षीय विजन शामिल है।
*अगले छह दिन तकनीकी सत्र* में सभी प्रकार के बही खाते, ऋण प्रबंधन, वित्त प्रबंधन, वित्तीय मानक, वित्तीय विवरण, अंकेक्षण नीति, वैधानिक अनुपालन, आंतरिक नियंत्रण एवं निगरानी के विभिन्न उपकरणों के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रतिभागियों को मोबाइल एप एवं पोर्टल पर आंकड़ों की प्रविष्टि, मासिक प्रगति रिपोर्ट, समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल स्तरीय संघ के अभिलेखों का ऑनलाइन रखरखाव, कार्यसूची, सदस्यता रजिस्टर एवं प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया भी सिखाई जाएगी।
*महिलाओं को लाभ*
इस प्रशिक्षण से संकुल स्तरीय संघ की महिलाएं तकनीकी और वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी। एम आई एस सहायक आंकड़ों के माध्यम से योजनाओं की निगरानी कर सकेंगी और लेखाकार संघ के धन का पारदर्शी हिसाब रख पाएंगे। इससे समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत होगी, बैंकों से ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिलेगा। अंततः इसका सीधा लाभ गांव की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार, आय वृद्धि और सशक्तिकरण के रूप में मिलेगा।
पदाधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षित एम आई एस सहायक और लेखाकार ही संकुल स्तरीय संघ की रीढ़ हैं। इनके सशक्त होने से ही मिशन का लक्ष्य "गरीबी मुक्त गांव" प्राप्त किया जा सकेगा।

























































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