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मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर जोर, आशा-आंगनबाड़ी व एएनएम की संयुक्त बैठक संपन्न

• टीकाकरण, कुपोषण मुक्ति, परिवार नियोजन और संचारी रोग नियंत्रण को लेकर बनी कार्ययोजना, लाभार्थियों तक योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के निर्देश ।
दोस्तपुर (सुलतानपुर)। विकास खंड दोस्तपुर के ब्लॉक सभागार में आशा, आंगनबाड़ी एवं एएनएम कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने, टीकाकरण अभियान को सफल बनाने, कुपोषण उन्मूलन, परिवार नियोजन तथा संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर विस्तृत समीक्षा और कार्ययोजना तैयार की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर बल देते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में खंड विकास अधिकारी बी.सी. त्रिवेदी, बाल विकास परियोजना अधिकारी राहुल त्रिपाठी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. अजीत यादव, बीपीएम, यूनिसेफ के जिला समन्वयक सहित स्वास्थ्य एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने गर्भवती महिलाओं की सूची का सत्यापन करने तथा सभी गर्भवती महिलाओं की समय पर एएनसी जांच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आगामी टीकाकरण सत्रों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई। अधिकारियों ने कहा कि कोई भी बच्चा या गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रहे, इसके लिए समय पर सूचना उपलब्ध कराई जाए तथा छूटे हुए लाभार्थियों को चिन्हित कर अभियान से जोड़ा जाए।
पोषण अभियान की समीक्षा के दौरान कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बच्चों का नियमित वजन एवं ऊंचाई मापन, पोषण ट्रैकिंग, पूरक पोषाहार के प्रभावी वितरण तथा ई-कवच पोर्टल पर कुपोषित बच्चों के पंजीकरण एवं सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषण के खिलाफ अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है।
परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए योग्य दंपतियों को विभिन्न परिवार नियोजन साधनों की जानकारी उपलब्ध कराने और जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि छोटे परिवार और स्वस्थ परिवार की अवधारणा को गांव-गांव तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
संचारी रोग नियंत्रण पर चर्चा करते हुए डेंगू, मलेरिया तथा अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। स्वच्छता, साफ पेयजल के उपयोग और हाथ धोने की आदतों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में स्वास्थ्य, पोषण एवं टीकाकरण दिवस (वीएचएनडी) के सफल आयोजन की रूपरेखा भी तैयार की गई। इसके अलावा यू-विन पोर्टल पर पंजीकरण, आयुष्मान भारत योजना से पात्र लाभार्थियों को जोड़ने, मातृ एवं शिशु मृत्यु संबंधी सूचनाओं के सत्यापन, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के डाटा मिलान तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के नियमित फॉलोअप जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
खंड विकास अधिकारी बी.सी. त्रिवेदी ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार तभी संभव है जब स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने सभी कर्मियों से गांव स्तर पर नियमित भ्रमण कर लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।
बैठक में सुपरवाइजर आरती यादव, नीलम वर्मा, अनुपम यादव, आरती वर्मा, रिंकी वर्मा, सीता देवी तथा लिपिक अजय कुमार सहित बड़ी संख्या में आशा, आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।


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