मजदूर दिवस पर मजदूर-किसान जन विरोधी चार लेबर कोड्स (कानूनों) को वापस लेने की मांग
मऊ। घोसी।केंद्रीय श्रम संगठनों, स्वतंत्र कर्मचारी फेडरेशनों के आह्वान पर मजदूर-किसान जन विरोधी चार लेबर कोड्स (कानूनों) के खिलाफ पूरे देश में आज 1 अप्रैल को काला दिवस के रूप में मनाया गया। इस कड़ी में मऊ में जिला श्रमिक समन्वय समिति की ओर से जन सभा एवं प्रदर्शन के पश्चात राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। इस कार्यक्रम में ऐटक, सीटू, एक्टू, इंकलाबी मजदूर केंद्र, भाकपा, माकपा, भाकपा माले, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, उत्तर प्रदेश किसान सभा, एआइकेफ़, राष्ट्रवादी जनवादी मंच, नौजवान भारत सभा, एसयूसीआईसी शामिल रहे।
जन सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि
मजदूर कर्मचारी विरोधी चारों श्रम संहिताएं यानी नए श्रम कानून 1 अप्रैल से देश भर में पूरी तरह से लागू होने जा रहे हैं। देश भर में इन चारों श्रम संहिताओं को लागू करने की पहली घोषणा 21 नवंबर 2025 को की गई थी। संबंधित केंद्रीय नियमों को जारी करने के संबंध में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने घोषणा की थी कि नए श्रम कानून, नियमों के साथ, 1 अप्रैल से देश में लागू कर दिए जाएंगे। नए श्रम कानूनों द्वारा स्थाई श्रमिकों और कर्मचारियों के 8 घंटे के कार्य दिवस का अधिकार, यूनियन बनाने का अधिकार, हड़ताल का अधिकार, स्थाई रोजगार का अधिकार और ग्रेच्युटी का अधिकार व्यावहारिक रूप से छीन लिया गया है। ठेका श्रमिकों, गिग वर्कर्स, स्कीम वर्कर्स और असंगठिक क्षेत्र के श्रमिकों के कानूनी अधिकारों को या तो समाप्त किया गया है या उनमें भारी कटौती की गई है। वास्तव में इन नई चार श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों और कर्मचारियों को पूंजीपतियों के हितों के अधीन करने की व्यवस्था की गई है।
जन सभा में संकल्प लिया गया कि चारों श्रम संहिताओं को रद्द करवा कर श्रमिकों और कर्मचारियों के हित में नई श्रम संहिताएं बनवाने तक संघर्ष जारी रहेगा।जन सभा को का० इम्तियाज अहमद, का० वीरेंद्र कुमार, का० शिवाकांत मिश्र का० शिव मूरत, का० रामकुमार भारती का० अनुभव दास, का० विनोद राय, का० देवेंद्र सिंह, का० अंकुर श्रीवास्तव का० बालाजी मोदी, का० प्रसेन, का० विनय कुमार और का० रामजी सिंह ने संबोधित किया। जन सभा की अध्यक्षता का० सूर्यदेव पाण्डेय ने किया और संचालन का० राम अवतार सिंह ने किया।
जन सभा और प्रदर्शन में का० पिंकी का० रामसोच यादव, का० रामजीत चौहान, का० श्याम बहादुर, का० छवि, का० अनीस अहमद, का० दीनानाथ मौर्य, का० विद्याधर, का० रामप्रवेश, का० विश्वराज, का० हरिलाल, का० सिकंदर शामिल रहे।























































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