महाराजा सुहेलदेव राजभर की मनाई गई हर्षोल्लास के साथ जयंती
बिलरियागंज आजमगढ़। स्थानीय थाना क्षेत्र के भैंसहा गांव में आज हर्षोल्लास के साथ महाराजा सुहेलदेव राजभर की जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम के अध्यक्ष चंद्रभान राजभर व हरिनाथ राजभर थे इस कार्यक्रम का संचालन रामसूरत राजभर ने किया। महाराजा सुहेलदेव की जयंती बसंत पंचमी पर मनाई जाती है 11वीं सदी के श्रावस्ती के राजा सुहेलदेव द्वारा विदेशी आक्रांता सैय्यद सालार मसूद गाजी को 1034 ई. में बहराइच की लड़ाई में हराने और मारने की याद में मनाई जाती है। उन्हें हिंदू संस्कृति के रक्षक, वीरता और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक के रूप में सम्मानित किया जाता है।
1034 ई. में चित्तौरा झील (बहराइच) के किनारे महाराजा सुहेलदेव ने गाजी मियां की सेना को पराजित किया था, जिसे एक ऐतिहासिक विजय माना जाता है।
उन्हें भारतीय संस्कृति और राष्ट्र की अस्मिता की रक्षा करने वाले एक महान प्रहरी के रूप में याद किया जाता है। वह न केवल एक राजा, बल्कि शोषित और वंचित वर्गों के मान-सम्मान के प्रतीक के रूप में भी देखे जाते हैं।
बहराइच में उनके स्मारक के माध्यम से उनके योगदान को उजागर किया जाता है, जो एकता और साहस की प्रेरणा देता है।
यह जयंती विशेषकर उत्तर प्रदेश में उनके बलिदान और वीरता के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मनाई जाती है। इस कार्यक्रम में पुरुषोत्तम मौर्य,संदीप जयसवाल ,रामधारी राजभर, साहब लाल राजभर ,हौसला राजभर, अशोक राजभर, राजेंद्र राजभर, सतई राजभर, जोगिंदर राजभर, सोमनाथ राजभर ,राहुल राजभर, देवेंद्र राजभर आदि उपस्थित रहे।



















































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