डॉ. जेपी सैनी ने संभाला लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार, नए अकादमिक युग की शुरुआत
लखनऊ | 14 जनवरी 2025 | लखनऊ विश्वविद्यालय का ऐतिहासिक प्रांगण बुधवार को एक महत्वपूर्ण बदलाव का साक्षी बना, जब प्रो. डॉ. जेपी सैनी ने विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला। यह अवसर केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक भविष्य को नई दिशा देने वाला क्षण माना जा रहा है। उन्होंने कार्यवाहक कुलपति प्रो. मनुका खन्ना से दायित्व ग्रहण किया।
कार्यभार ग्रहण समारोह में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, फैकल्टी सदस्य और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी की अपेक्षाएं उस नेतृत्व से जुड़ी हैं, जिनका नाम अकादमिक उत्कृष्टता, शोध और प्रशासनिक दक्षता के लिए जाना जाता है। इससे पूर्व 3 जनवरी 2025 को कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा प्रो. डॉ. जेपी सैनी को तीन वर्ष की अवधि के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किए जाने का आदेश जारी किया गया था। लखनऊ आगमन के बाद उन्होंने राजभवन में राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट भी की थी।
🔹 तकनीकी पृष्ठभूमि से शैक्षणिक नेतृत्व तक
प्रो. डॉ. जेपी सैनी की शैक्षणिक यात्रा तकनीकी शिक्षा से शुरू होकर उच्च शिक्षा के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची है। उन्होंने 1987 में केएनआईटी सुल्तानपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक, 1996 में IIT कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में एमटेक तथा 2001 में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
उन्होंने डॉ. आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ड, कानपुर में दो बार निदेशक के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली के निदेशक रहे और संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वे नेताजी सुभाष तकनीकी विश्वविद्यालय के पहले कुलपति बने। 26 सितंबर 2023 को उन्हें मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMTU) का कुलपति नियुक्त किया गया।
🔹 MMTU में उपलब्धियों का रिकॉर्ड
MMTU में डॉ. सैनी का कार्यकाल परिवर्तनकारी रहा। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने पहली बार NIRF रैंकिंग में स्थान प्राप्त किया।
NIRF 2025 रैंकिंग में MMTU ने—
ओवरऑल: 99वीं
इंजीनियरिंग: 60वीं
विश्वविद्यालय श्रेणी: 68वीं
मैनेजमेंट: 83वीं
राज्य विश्वविद्यालय श्रेणी: 23वीं रैंक हासिल की।
उनके नाम 200 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित हैं। शोध, नवाचार और अकादमिक गुणवत्ता को एक साथ आगे बढ़ाना उनकी कार्यशैली की पहचान रही है।
🔹 लखनऊ विश्वविद्यालय के लिए नई उम्मीदें
लखनऊ विश्वविद्यालय आज परंपरा और आधुनिकता के संगम पर खड़ा है। उच्च शिक्षा के बदलते परिदृश्य में रिसर्च, रैंकिंग, इंडस्ट्री कनेक्ट और वैश्विक पहचान जैसे विषय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में डॉ. जेपी सैनी का कुलपति बनना विश्वविद्यालय के लिए नई उम्मीदों और नए संकल्पों का प्रतीक है।
उनके अनुभव और दृष्टि से यह अपेक्षा की जा रही है कि लखनऊ विश्वविद्यालय परंपरा की मजबूत नींव पर आधुनिक शिक्षा, शोध और नवाचार की नई ऊंचाइयों को छुएगा। बुधवार को ग्रहण किया गया यह कार्यभार आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ के रूप में दर्ज हो सकता है।


















































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