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मतदाता सूची में मकान नंबर की गड़बड़ी पुरानी समस्या, 06 फरवरी तक संशोधन का मौका, BLO सुपरवाइज़रों को दी गई अहम जिम्मेदारी

नई दिल्ली/लखनऊ।मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने और संशोधन की प्रक्रिया 06 फरवरी 2026 तक जारी है। इस दौरान यह बात सामने आई है कि विभिन्न विधानसभाओं के अनेक मतदान केंद्रों की वोटर लिस्ट में असंबंधित और सामान्य त्रुटियां मौजूद हैं। चुनाव आयोग के अनुसार यह स्थिति SIR (Special Intensive Revision) के कारण उत्पन्न नहीं हुई है, क्योंकि SIR के गणना चरण में मतदाताओं के विवरण में कोई संशोधन नहीं किया गया था। बल्कि यह समस्या दशकों से चली आ रही व्यवस्था जनित खामी है।
मकान नंबर न होना बनी बड़ी वजह
मतदाता सूची में त्रुटियों का एक प्रमुख कारण गांवों में मकानों का कोई निश्चित नंबर न होना और शहरों में भी कई मकानों का स्पष्ट नंबर दर्ज न होना है।
गांवों में मतदाताओं के नाम के सामने Notional Number (काल्पनिक नंबर) दर्ज किया जाता है।
शहरों में अक्सर मकान नंबर की जगह 0 या 00 लिखा जाना आम बात है।
नगर निकायों में वार्डवार टैक्स व्यवस्था के तहत मकानों को रजिस्टर में काल्पनिक नंबर दिए जाते हैं, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है।
रामपुर के मिलक नगर पालिका का मामला बना उदाहरण
रामपुर जिले की मिलक नगर पालिका में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां दो अलग-अलग परिवारों के मकान नंबर विधानसभा की वोटर लिस्ट में एक समान पाए गए।
हालांकि दोनों परिवार नगरपालिका के अलग-अलग वार्डों में रहते हैं, लेकिन उनके वार्ड रजिस्टरों में दर्ज नोशनल मकान नंबर एक जैसे होने के कारण विधानसभा की वोटर लिस्ट में उनके वोट एक ही बूथ पर दर्ज हो गए।
इसका मुख्य कारण यह रहा कि उस मतदान क्षेत्र में केवल एक ही अनुभाग (Section) बनाया गया था और मकान नंबर के साथ वार्ड नंबर अंकित नहीं था।
अनुभागों के सही विभाजन के निर्देश
चुनाव आयोग ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को निर्देश दिए हैं कि—
प्रत्येक पोलिंग स्टेशन के मतदान क्षेत्र को पर्याप्त संख्या में well-defined और well-demarcated अनुभागों में विभाजित किया जाए।
इससे BLO को पुनरीक्षण और चुनाव के समय मतदाता पर्ची वितरण में आसानी होगी।
साथ ही असंबंधित मकान नंबर एक जैसे दर्ज होने की समस्या से भी काफी हद तक निजात मिलेगी।
डेटाबेस में गली-मोहल्ले का नाम दर्ज करने के निर्देश
अब मतदाता डेटाबेस में मकान नंबर के साथ-साथ संबंधित गली, मोहल्ला या सड़क का नाम दर्ज करना अनिवार्य किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मकान किस क्षेत्र में स्थित है।
BLO सुपरवाइज़रों को दी गई अहम जिम्मेदारी
BLO सुपरवाइज़रों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने क्षेत्र के सभी बूथों की मतदाता सूचियों को ध्यानपूर्वक जांचें, त्रुटियों को समय रहते चिन्हित कर दुरुस्त कराएं, ताकि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने तक किसी भी प्रकार की गलती न रह जाए।


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