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वाराणसी में रूसी कपल ने हिंदू रीति-रिवाज से की शादी

वाराणसी।सनातन धर्म, हिंदू परंपराओं और भारतीय संस्कृति के प्रति विदेशी पर्यटकों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। काशी से लेकर हरिद्वार तक विदेशी पर्यटक शास्त्रों के ज्ञान, आयुर्वेद, योग और धार्मिक परंपराओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसी कड़ी में वाराणसी में एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां रूस से आए एक कपल ने हिंदू रीति-रिवाजों के साथ दूसरी बार शादी कर सबका ध्यान खींचा।

11 साल बाद काशी में दोबारा विवाह

गंगा नदी के किनारे स्थित एक मंदिर में रूसी कपल को वैदिक मंत्रोच्चार और सात फेरों के साथ विवाह करते देखा गया। कपल की शादी 11 साल पहले रूस में हो चुकी थी, लेकिन अपने रिश्ते को और मजबूत व यादगार बनाने के लिए उन्होंने काशी में हिंदू परंपराओं के अनुसार पुनः विवाह करने का फैसला लिया।

भारतीय संस्कृति से प्रभावित दुल्हन मरीना

दुल्हन मरीना ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि उन्हें भारतीय संस्कृति, यहां के शादी के रीति-रिवाज और आध्यात्मिक वातावरण बेहद पसंद है।

उन्होंने कहा, “हम रूस से आए हैं। हमारी शादी 11 साल पहले हो चुकी थी, लेकिन इसे और मजबूत बनाने के लिए हमने काशी में दोबारा शादी करने का फैसला लिया। भारतीय कल्चर और यहां की वाइब हमें बहुत पसंद है।”

काशी का कल्चर पसंद आया दूल्हे कॉनस्‍टेंटिंन को

रूसी दूल्हे कॉनस्‍टेंटिंन ने कहा कि काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा और हिंदू संस्कृति उन्हें बहुत पसंद है। वे हमेशा से भारतीय रीति-रिवाजों के साथ विवाह करना चाहते थे, इसलिए काशी को उन्होंने इस खास मौके के लिए चुना।

वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न हुई शादी

शादी संपन्न कराने वाले पंडित शिवकांत पांडे ने बताया कि रूस से आए इस जोड़े की हिंदू धर्म में गहरी आस्था है। उन्होंने कहा कि वैदिक मंत्रोच्चार और सात फेरों के साथ विधिवत विवाह संपन्न कराया गया।

भारतीय परिधान में दिखा रूसी जोड़ा

शादी के दौरान दुल्हन मरीना ने सिल्क साड़ी और दूल्हे कॉनस्‍टेंटिंन ने कुर्ता-पायजामा पहना। दूल्हे ने दुल्हन की मांग भरी और सात फेरे लेकर विवाह की रस्म पूरी की। काशी में हिंदू परंपराओं से शादी कर रूसी कपल बेहद खुश नजर आया।


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