अमीन की हत्या में जिले के चर्चित नामों पर FIR, ₹70 लाख वसूली विवाद में हत्या का आरोप
आजमगढ़ न्यूज:जनपद आजमगढ़ के थाना कोतवाली क्षेत्र में तहसील सदर में तैनात अमीन सुरेश उपाध्याय की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या के मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। मृतक के पुत्र विकास उपाध्याय की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने नामजद अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रार्थी विकास उपाध्याय के अनुसार उनके पिता सुरेश उपाध्याय 17 जनवरी 2026 को अचानक लापता हो गए थे, जिसकी लिखित सूचना उसी दिन थाना कोतवाली में दी गई थी। सुरेश उपाध्याय तहसील सदर में अमीन के पद पर कार्यरत थे और वसूली के सिलसिले में लगभग ₹70 लाख की आरसी लेकर रैदोपुर मोहल्ला निवासी रूबी सिंह पुत्री चंद्रशेखर सिंह के घर गए थे।
परिजनों का आरोप है कि रूबी सिंह के घर पर उनके चाचा द्वारा अमीन सुरेश उपाध्याय को यह कहकर धमकाया गया कि “गलत जगह हाथ डाले हो, इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।” इसके बाद जानकारी मिली कि रूबी सिंह ने अपना नाम बदलकर आकांक्षा रख लिया है और ओमप्रकाश सिंह निवासी अहिरौला से विवाह कर लिया है।
जब अमीन सुरेश उपाध्याय ओमप्रकाश सिंह के पास वसूली के लिए पहुंचे, तो वहां से भी उन्हें गंभीर धमकी दी गई। परिजनों का कहना है कि इसके बाद से सुरेश उपाध्याय लगातार भयभीत रहने लगे थे और परिवार से कहते थे कि ओमप्रकाश सिंह, रूबी सिंह उर्फ आकांक्षा और उनके चाचा अपराधी प्रवृत्ति के लोग हैं, जिनसे जान का खतरा बना हुआ है।
विकास उपाध्याय ने आशंका जताई है कि ओमप्रकाश सिंह, भूपेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह (ठेकमा), रूबी सिंह उर्फ आकांक्षा तथा उनके चाचा ने आपसी साजिश के तहत उनके पिता का अपहरण कर हत्या कर दी और शव को सिधारी स्थित बसपा कार्यालय के पीछे फेंक दिया।
इस मामले में कोतवाली पुलिस ने ओमप्रकाश सिंह, रूबी सिंह उर्फ आकांक्षा और रूबी सिंह के अज्ञात चाचा के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक के निर्देश पर मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।मीडिया सूत्र



















































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