आजमगढ़ में भ्रष्टाचार पर SSP की सबसे बड़ी कार्रवाई, 16 थानों के 34 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, 94 का तबादला
आजमगढ़।जिले में भ्रष्टाचार और कदाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। SSP के आदेश पर 16 थानों में तैनात 34 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है, जबकि 19 थानों के 94 पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है।
यह सख्त कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों और आंतरिक जांच में आर्थिक अनियमितता, अवैध वसूली और पद के दुरुपयोग के आरोप सही पाए जाने के बाद की गई है। SSP डॉ. अनिल कुमार ने स्पष्ट किया है कि जिले में भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
पासपोर्ट सेल के कर्मचारी भी कार्रवाई की जद में
लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में पासपोर्ट सत्यापन से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। गंभीरपुर थाने में तैनात चार पुलिसकर्मी — योगेंद्र मौर्य (पासपोर्ट सेल), आनंद पांडेय, रत्नेश और सुरेश — को भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के आरोप में पुलिस लाइन भेजा गया है। गंभीरपुर थाना क्षेत्र में पासपोर्ट के नाम पर अवैध वसूली के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।
इसके अलावा देवगांव कोतवाली, मुबारकपुर, पवई, दीदारगंज, मेंहनगर, बिलरियागंज, महाराजगंज, अतरौलिया, अहिरौला, तहबरपुर, निजामाबाद, जहानागंज, कप्तानगंज, सरायमीर और रानी की सराय थानों से जुड़े कुल 34 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है।
लंबे समय से जमे कर्मियों का तबादला
SSP द्वारा किए गए तबादलों में सिधारी, रानी की सराय, कंधरापुर, मुबारकपुर, कोतवाली, रौनापार, अतरौलिया समेत 19 थानों के 94 पुलिसकर्मी शामिल हैं। इनमें से कई कर्मी वर्षों से एक ही थाने में तैनात थे, जिसको लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
बरदह थाने में पासपोर्ट कार्य देख रहे अजीत कुशवाहा के खिलाफ भी पासपोर्ट बनवाने के नाम पर पैसे लेने की शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिसकी जांच अभी जारी है।
पहले भी हो चुकी है कड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि इससे पहले भी आजमगढ़ में भ्रष्टाचार के एक मामले में एक उपनिरीक्षक को जेल भेजा जा चुका है और कई पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। ताजा कार्रवाई को उसी सख्त अभियान की कड़ी माना जा रहा है।
पुलिस महकमे में हड़कंप
SSP की इस बड़ी कार्रवाई से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं स्थानीय लोगों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम जनता का भरोसा मजबूत होगा।



















































Leave a comment