मऊ के घोसी की बेटी ने दिल्ली में कला गैलरी प्रदर्शनी में प्रस्तुत मनुष्यता के पथ-प्रदर्शक श्री राम ने ध्यान आकर्षित किया।
मऊ की बेटी द्वारा दिल्ली में स्थापित मेघवर्ण आर्ट गैलरी द्वारा प्रस्तुत ‘मनुष्यता के पथ-प्रदर्शक श्री राम’ कला प्रदर्शनी का दिल्ली सचिवालय में महानवमी के दिन शुभारंभ
घोसी। मऊ।मऊ के रसड़ी निवासी शिक्षक एवं समाजसेवी राम प्रभाव सिंह की पुत्रवधू रचना राणा द्वारा दिल्ली में स्थापित मेघवर्ण आर्ट गैलरी, एवं साहित्य कला परिषद एवं कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग, दिल्ली सरकार के सहयोग से आयोजित ‘मनुष्यता के पथ-प्रदर्शक श्री राम’ विषयक कला प्रदर्शनी का शुभारंभ 19 अक्टूबर 2026 को दिल्ली सचिवालय में हुआ। प्रदर्शनी का उद्घाटन दिल्ली सरकार के माननीय उपमुख्यमंत्री प्रवेश सिंह वर्मा एवं माननीय कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने किया। यह प्रदर्शनी 30 अक्टूबर 2026 तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।
मेघवर्ण आर्ट गैलरी की इस विशेष पहल का उद्देश्य भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और शाश्वत शिक्षाओं को कला के माध्यम से प्रस्तुत करना है। प्रदर्शनी में सत्य, धर्म, करुणा, न्याय, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता जैसे सार्वभौमिक मूल्यों को रेखांकित किया गया है। गैलरी का प्रयास है कि श्रीराम के आदर्शों को केवल धार्मिक या ऐतिहासिक संदर्भों तक सीमित न रखते हुए उन्हें समकालीन समाज के लिए नैतिक आचरण, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं के प्रेरणास्रोत के रूप में प्रस्तुत किया जाए।
मेघवर्ण आर्ट गैलरी की संस्थापिका श्रीमती रचना राणा के नेतृत्व में आयोजित यह प्रदर्शनी कला, संस्कृति और भारतीय सभ्यता के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। वर्ष 2021 में स्थापित मेघवर्ण आर्ट गैलरी भारतीय आधुनिक एवं समकालीन कला को प्रोत्साहित करने, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा भारतीय कला और विचार परंपरा को राष्ट्रीय एवं वैश्विक दर्शकों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
रचना राणा ने कहा कि मेघवर्ण आर्ट गैलरी के लिए यह प्रदर्शनी केवल एक कला आयोजन नहीं, बल्कि भारत की शाश्वत सांस्कृतिक चेतना और मानवीय मूल्यों को जनसामान्य तक पहुँचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि श्रीराम के आदर्श आज भी सत्य, कर्तव्य, करुणा, न्याय और जिम्मेदार नेतृत्व के रूप में उतने ही प्रासंगिक हैं। कला के माध्यम से इन मूल्यों को नई पीढ़ी और व्यापक समाज तक पहुँचाना गैलरी की प्रमुख प्रतिबद्धताओं में शामिल है।
इस आयोजन को डॉ. के. महेश, सचिव, कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग, दिल्ली सरकार की सांस्कृतिक दृष्टि और संस्थागत सहयोग से महत्वपूर्ण बल मिला है। विभाग के सहयोग से मेघवर्ण आर्ट गैलरी को इस प्रदर्शनी को व्यापक सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला है, जिससे कला और संस्कृति के माध्यम से भारत की समृद्ध विरासत तथा मानवीय मूल्यों पर संवाद को बढ़ावा दिया जा सके।
मेघवर्ण आर्ट गैलरी इससे पूर्व भी भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों पर केंद्रित कला प्रदर्शनियों का आयोजन कर चुकी है। गैलरी द्वारा रामपुर रज़ा लाइब्रेरी, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार तथा अयोध्या शोध संस्थान, उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित प्रदर्शनी को दूरदर्शन और विभिन्न राष्ट्रीय समाचार-पत्रों में व्यापक स्थान मिला था। इन पहलों के माध्यम से गैलरी ने श्रीराम के सांस्कृतिक, दार्शनिक और मानवीय पक्ष को कला के माध्यम से प्रस्तुत करने का निरंतर प्रयास किया है।
30 अक्टूबर तक चलने वाली यह प्रदर्शनी कला-प्रेमियों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम दर्शकों के लिए भारतीय परंपरा, दर्शन और मानवीय मूल्यों से जुड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।
रचना राणा की इस उपलब्धि पर पूर्व प्रमुख डा सुजीतसिंह,समाजसेवी अजयजायसवाल,पत्रकार अशोक श्रीवास्तव,अरविंदराय,प्रेमशंकर पाण्डेय,शिक्षकनेता सुदर्शनकुमार, समाजसेवी संजयसिंह,अरविन्द पाण्डेय,डा शाहनवाजखान,भाजपा नेता गिरजापतिराय,कृपाशंकरसिंह, शिक्षक मनोजसिंह,डा प्रमोदराय, सपनेता राजेंद्रपांडेय,आकिबसिद्दीकी, आदि ने बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना किया है।



























































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