राहुल सांकृत्यायन के गांव कनैला पहुंची किसान-मजदूर-नौजवान चेतना पदयात्रा, विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प
चक्रपानपुर/आजमगढ़, 18 जून 2026।भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच स्वामी सहजानंद सरस्वती के गांव से निकली किसान-मजदूर-नौजवान चेतना पदयात्रा गुरुवार को महान घुमक्कड़, साहित्यकार और चिंतक राहुल सांकृत्यायन के पैतृक गांव कनैला (आजमगढ़) पहुंची। पदयात्रियों ने चक्रपानपुर स्थित राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सभा आयोजित की तथा उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
यात्रा के दौरान पदयात्रियों ने खरिहानी में नौजवानों से संवाद किया और मधुबन गांव स्थित शहीद सुभाष रवि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने किसान, मजदूर और नौजवानों की एकजुटता पर बल दिया।
राहुल सांकृत्यायन के परिजन मदन पाण्डेय ने पदयात्रा का स्वागत करते हुए कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती के गांव देवा से राहुल सांकृत्यायन के गांव कनैला तक पहुंची यह यात्रा दोनों महापुरुषों के ऐतिहासिक संबंधों और उनके संघर्षों की विरासत को फिर से जीवंत करने का कार्य कर रही है।
मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित सोशलिस्ट पार्टी इंडिया के महासचिव संदीप पाण्डेय ने कहा कि इस पदयात्रा ने पूर्वांचल में स्वामी सहजानंद सरस्वती और राहुल सांकृत्यायन के संघर्षों को आम जनमानस के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लोग अपने अधिकारों के लिए स्वयं संघर्ष करने के लिए तैयार होंगे।
किसान नेता राजीव यादव ने कहा कि राहुल सांकृत्यायन ने बिहार के गांव-गांव जाकर किसानों और मजदूरों को संगठित किया था। आज यह पदयात्रा उसी विरासत को आगे बढ़ाते

























































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