आजमगढ़: 13 साल पुराने घूसखोरी मामले में लेखपाल को 6 साल की सजा, 30 हजार रुपये का जुर्माना
आजमगढ़। जनपद में चलाए जा रहे "ऑपरेशन कनविक्शन" अभियान के तहत पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते 13 साल पुराने भ्रष्टाचार के मामले में न्यायालय ने एक राजस्व लेखपाल को दोषी ठहराते हुए 6 वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार, 12 दिसंबर 2013 को निरीक्षक एन.पी. गौड़, भ्रष्टाचार निवारण अधिष्ठान इकाई गोरखपुर ने थाना बरदह में लिखित तहरीर देकर बताया था कि मनपूजन चौहान पुत्र स्वर्गीय लुरखुल, निवासी बड़ागांव बहादुरपुर, थाना देवगांव, जो उस समय राजस्व लेखपाल के पद पर तैनात था, भूमि प्रमाण पत्र बनाने के एवज में 500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था।
इस मामले में थाना बरदह पर मु0अ0सं0 477/2013 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 तथा 13(1)(D) सहपठित धारा 13(2) में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया, जहां सुनवाई के दौरान पांच गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
06 जून 2026 को एडीशनल सेशन जज/एंटी करप्शन (विशेष) कोर्ट संख्या-1, आजमगढ़ ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर मनपूजन चौहान को दोषी करार देते हुए 6 वर्ष के कठोर कारावास और 30,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
आजमगढ़ पुलिस के अनुसार, "ऑपरेशन कनविक्शन" के तहत भ्रष्टाचार और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित कराने के लिए प्रभावी पैरवी लगातार जारी है।


















































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