बल्दीराय तहसील के पहले सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम का सख्त संदेश, लापरवाही पर कार्रवाई तय
•216 शिकायतों में 53 का मौके पर निस्तारण, लंबित मामलों पर अधिकारियों को फटकार; अवैध कब्जे, राजस्व वाद और आईजीआरएस शिकायतों की समीक्षा में सामने आई खामियां ।
सुलतानपुर। नवगठित बल्दीराय तहसील में शनिवार को प्रथम सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक चारु निगम और मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह ने जनता की समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या औपचारिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाधान दिवस में प्राप्त 216 शिकायतों में से 53 का मौके पर ही निस्तारण कर संबंधित शिकायतकर्ताओं को राहत प्रदान की गई।
तहसील सभागार में आयोजित समाधान दिवस के दौरान इस बार जनसुनवाई को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई। शिकायतकर्ताओं को पहले संबंधित विभागीय अधिकारियों के पास भेजा गया, जहां अधिकारियों ने शिकायत पत्रों पर की जाने वाली कार्रवाई और समाधान की स्थिति अंकित की। इसके बाद शिकायतकर्ता संबंधित अधिकारी के साथ जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के समक्ष उपस्थित होकर प्रकरण की जानकारी और समाधान की प्रगति से अवगत कराते रहे। जिलाधिकारी ने इस व्यवस्था को जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
डीएम ने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आम जनता को न्याय दिलाने का प्रभावी मंच है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया कि शिकायतों की जांच वास्तविक तथ्यों के आधार पर की जाए और ऐसा समाधान किया जाए जिससे शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो। उन्होंने राजस्व, पुलिस और विकास विभाग के अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि लेखपाल स्तर पर आईजीआरएस के 35 मामलों में मात्र आठ शिकायतकर्ता ही संतुष्ट पाए गए हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। इसके अलावा धारा-176 के 119 वाद, राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों से जुड़े 225 प्रकरण तथा अमल-दरामद के 361 मामले लंबित पाए गए। इस पर डीएम ने संबंधित लिपिक को कड़ी फटकार लगाते हुए सोमवार शाम तक सभी लंबित मामलों के निस्तारण का निर्देश दिया।
सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों की समीक्षा में भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिले में ऐसे 431 मामले लंबित पाए गए, जिनमें तुलसीपुर क्षेत्र के 26 मामले शामिल हैं। प्रकरणों के निस्तारण में देरी पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार को फटकार लगाते हुए कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने वाले किसी भी राजस्व कर्मी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समाधान दिवस के दौरान सरैया माफी क्षेत्र से जुड़े एक मामले में जिलाधिकारी ने लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को स्पष्ट रूप से यह बताने के निर्देश दिए कि स्थल निरीक्षण कब किया जाएगा और कार्रवाई कब तक पूरी होगी। वहीं सीमांकन से जुड़े प्रकरण में धारा-24 के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।
डेहरियावां के लेखपाल नामवर सिंह के खिलाफ प्राप्त शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी बल्दीराय को निष्पक्ष जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही नव निर्मित तहसील भवन में एक सप्ताह के भीतर संपूर्ण तहसील कार्यालय स्थानांतरित करने के आदेश भी दिए।
विद्युत, समाज कल्याण, कृषि, राजस्व और पुलिस विभाग की शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए डीएम ने कहा कि शिकायतकर्ता को उसके प्रकरण के निस्तारण की समय-सीमा की जानकारी अवश्य दी जाए। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से जननी सुरक्षा योजना के भुगतान की स्थिति की जानकारी भी ली।
समाधान दिवस परिसर में आयोजित विशेष शिविर में पांच नए राशन कार्ड जारी किए गए, जबकि विद्युत विभाग ने नौ नए बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनता की सेवा ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और सभी अधिकारी एवं कर्मचारी ईमानदारी, पारदर्शिता तथा संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
उन्होंने कहा कि जनहित के कार्य बिना उचित कारण लंबित रखने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। समाधान दिवस में विभिन्न विभागों के जिला एवं तहसील स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे और शिकायतों के निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की गई।


















































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