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लेखपाल- अधिवक्ता विवाद से तहसील परिसर में दिनभर हंगामा, न्यायिक कार्य प्रभावित
•मुकदमा दर्ज होने के बाद भड़के अधिवक्ता, एसडीएम और तहसीलदार का घेराव कर जताया विरोध
कादीपुर, सुलतानपुर। तहसील परिसर बुधवार को लेखपाल और अधिवक्ता के बीच हुए विवाद को लेकर दिनभर गरमाया रहा। लेखपाल द्वारा अधिवक्ता के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने के
बाद अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। विरोध स्वरूप अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में जमकर हंगामा किया, जिससे न्यायिक कार्य भी प्रभावित रहे।लेखपाल- अधिवक्ता विवाद से तहसील परिसर में दिनभर हंगामा, न्यायिक कार्य प्रभावित
— GGS NEWS 24 (@ggsnews24) May 27, 2026
कादीपुर, सुलतानपुर। तहसील परिसर बुधवार को लेखपाल और अधिवक्ता ... pic.twitter.com/sSKEsKtvDw
मामला लेखपाल आदित्य विश्वकर्मा और अधिवक्ता अंकित सिंह के बीच मारपीट से जुड़ा है। आरोप है कि लेखपाल आदित्य विश्वकर्मा ने अधिवक्ता अंकित सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज होने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी मंजुल मयंक और तहसीलदार उमेश चंद यादव का घेराव कर अपना पक्ष जोरदार तरीके से रखा। अधिवक्ता अंकित सिंह ने आरोप लगाया कि एक जमीनी प्रकरण में लेखपाल ने कार्य कराने के नाम पर पैसा लिया था, लेकिन लंबे समय से मामले को टालते रहे। उनका कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में लेखपाल से बात की तो वह अभद्रता पर उतर आए। इसके बाद उच्चाधिकारियों से मिलीभगत कर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
वहीं अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बद्री प्रसाद सिंह और सचिव मंगला प्रसाद तिवारी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो अधिवक्ता बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन, विशेषकर उपजिलाधिकारी की होगी।
उधर, उपजिलाधिकारी मंजुल मयंक ने मामले में किसी भी प्रकार की भूमिका से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि लेखपाल के साथ मारपीट हुई थी, जिसके बाद लेखपाल ने अधिवक्ता अंकित सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी पीड़ित व्यक्ति को मुकदमा दर्ज कराने का अधिकार है और इस प्रकरण में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं है।
घटना को लेकर तहसील परिसर में पूरे दिन तनावपूर्ण माहौल बना रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन अधिवक्ताओं का आक्रोश देर शाम तक जारी रहा।

























































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