Politics News / राजनीतिक समाचार

विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम ग्रामीण समृद्धि, रोजगार सृजन और पारदर्शी विकास का मजबूत आधार : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ, 14 मई 2026।उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री   केशव प्रसाद मौर्र ने कहा कि “विकसित भारत-जी राम जी” ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी । यह योजना गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा मे अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने बताया कि वीबी- जीरामजी के अंतर्गत तालाब, सड़क, गोदाम, जल संरक्षण एवं अन्य स्थायी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन विकास कार्यों के माध्यम से गांवों में टिकाऊ एवं उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जिससे ग्रामीण समुदायों को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि स्थायी निर्माण कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा कृषि, भंडारण, जल संरक्षण और ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे गांवों की स्थानीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और आत्मनिर्भर एवं विकसित ग्रामीण भारत के निर्माण को नई गति प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि “विकसित भारत-जी राम जी” रोजगार सृजन, आधारभूत विकास और ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधार बनकर उभरेगी।
उप मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि  मनरेगा के अंतर्गत पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनहित सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक जनपद में लोकपाल नियुक्त किए गए हैं। लोकपाल को योजना से संबंधित शिकायतों की जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की संस्तुति करने के अधिकार प्रदान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनियमितता, शिकायत अथवा समस्या सामने आती है, तो संबंधित व्यक्ति लोकपाल के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकता है। यह व्यवस्था ग्रामीण विकास योजनाओं को अधिक निष्पक्ष, जवाबदेह और जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जनभागीदारी एवं पारदर्शिता से ही सशक्त और विकसित ग्रामीण भारत का निर्माण संभव है।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सोशल ऑडिट एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके माध्यम से विकास कार्यों, योजनाओं तथा सार्वजनिक धन के उपयोग की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाती है, ताकि प्रत्येक नागरिक विकास प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सके।
उन्होंने कहा कि सोशल ऑडिट से यह सुनिश्चित होता है कि गांवों में संचालित विकास कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं जनहित में प्रभावी ढंग से पूरे किए जा रहे हैं। साथ ही, यह प्रक्रिया ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा सुझाव देने का अवसर भी प्रदान करती है।


Leave a comment

Educations

Sports

Entertainment

Lucknow

Azamgarh