पेट्रोलियम मूल्य वृद्धि और नीट पेपर लीक के विरोध में माकपा का धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
देवरिया। पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों तथा नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को माकपा कार्यकर्ताओं ने सलेमपुर तहसील परिसर में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया।
धरने को संबोधित करते हुए माकपा जिला मंत्री कामरेड जयप्रकाश यादव ने कहा कि देश की जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है, ऊपर से पेट्रोलियम पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने नीट परीक्षा में धांधली, पेपर लीक और लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के लिए केंद्र सरकार एवं एनटीए की कड़ी आलोचना की।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार देश की संपत्तियों, जल-जंगल-जमीन और सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में सौंप रही है। स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों का निजीकरण तेजी से किया जा रहा है। साथ ही सलेमपुर तहसील प्रशासन पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि रायनाथ महाविद्यालय द्वारा सरकारी रास्ते की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को प्रशासन हटाने में विफल साबित हो रहा है, जिससे लोगों में आक्रोश है।
माकपा राज्य कमेटी सदस्य कामरेड सतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2014 में भाजपा सरकार ने जनता से सस्ता पेट्रोल-डीजल देने का वादा किया था, लेकिन आज हालात इसके विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि उस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल थी, तब डीजल करीब 53 रुपये और पेट्रोल लगभग 65 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था, जबकि आज भी कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी नहीं होने के बावजूद जनता से भारी कीमत वसूली जा रही है।
रामनिवास यादव ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण देश में पेट्रोलियम संकट खड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस से सस्ता तेल खरीदना अमेरिका के दबाव में बंद किया गया, जिसका खामियाजा देश की जनता भुगत रही है।
प्रेमचंद यादव ने कहा कि मोदी सरकार के 11 वर्षों की उपलब्धि यही है कि प्रधानमंत्री को जनता से अपने खर्च कम करने और पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस व सीएनजी का कम इस्तेमाल करने की अपील करनी पड़ रही है।
जिला कमेटी सदस्य बलिंदर मौर्य ने कहा कि जब देश में तेल की कमी है तो निजी कंपनियों द्वारा विदेशों को तेल बेचने की अनुमति क्यों दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है और आम जनता की समस्याओं से उसका कोई सरोकार नहीं है।
धरने को जयप्रकाश यादव, रामनिवास यादव, प्रेमचंद यादव, प्रदीप भारतीय, सुशील यादव, शिवशंकर यादव, संजय कुमार गोंड, जावेद हाशमी, बलवीर यादव, परमहंस भारती, रामप्रीत चौहान और तारा देवी समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।






















































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