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फर्जी ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र पकड़ा गया,अब होगी कार्रवाई, एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के दिये निर्देश

देवरिया ।जनपद के सलेमपुर तहसील में फर्जी तरीके से ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जारी कराने का मामला प्रकाश में आने के बाद प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया है। जांच के बाद तहसीलदार ने प्रमाण पत्र को फर्जी बताया है। मामले को गंभीर मानते हुए एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
तहसील क्षेत्र के मिश्रौली दीक्षित गांव निवासी आदित्य कुमार दीक्षित के नाम वर्ष 2025-26 में ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र क्रमांक 286, एक मई 2025 को जारी दिखाया गया था। किसी ने इसकी जानकारी तहसीलदार को दे दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार ने प्रमाण पत्र को मंगा कर देखा तो उनका हस्ताक्षर संदिग्ध मिला।
तहसीलदार अलका सिंह ने हल्का लेखपाल और संबंधित पटल सहायक से रिपोर्ट मांगी। जांच में हल्का लेखपाल ने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने उक्त आवेदन पर कोई आख्या दी है और न ही प्रमाण पत्र पर उनके हस्ताक्षर हैं।
वहीं पटल सहायक ने अभिलेखों की जांच में पाया कि एक मई 2025 को तहसील से ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र क्रमांक 411 से 435 तक जारी किए गए थे, जबकि संदिग्ध प्रमाण पत्र का क्रमांक 286 दर्शाया गया है।
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि प्रमाण पत्र पर राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार के हस्ताक्षर भी फर्जी तरीके से बनाए गए हैं। उस समय तैनात राजस्व निरीक्षक जयनाथ गुप्ता थे, जबकि प्रमाण पत्र पर अशोक नाम अंकित किया गया है। इससे पूरा दस्तावेज फर्जी सिद्ध हो गया।
तहसीलदार की जांच में पकड़ा गया फर्जीवाड़ा
एक युवक का फर्जी तरीके से वर्ष 2025-26 में ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी हुआ था। इसकी शिकायत मिली तो जांच कराई गई। पता चला कि भटनी क्षेत्र का एक शख्स फर्जी तरीके से लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार का हस्ताक्षर कर प्रमाण पत्र जारी कर दिया था।
     एसडीएम सलेमपुर दिशा श्रीवास्तव के
जांच के दौरान तहसील परिसर में सक्रिय एक संदिग्ध युवक कमलेश कुमार का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह भटनी क्षेत्र का रहने वाला है और अक्सर तहसील परिसर में देखा जाता था।
हालांकि पिछले दो-तीन दिनों से वह तहसील में नजर नहीं आ रहा है। तहसीलदार अलका सिंह ने अपनी रिपोर्ट एसडीएम दिशा श्रीवास्तव को सौंपी। एसडीएम ने सलेमपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को पत्र भेजकर आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।
कोतवाल दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि इस मामले में उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। यदि शिकायत मिलती है तो आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज कर  कार्रवाई की जाएगी।


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