डीएम की सख्ती लाई रंग: राजस्व निस्तारण में आजमगढ़ बना प्रदेश का ‘टॉप-4’ जिला, अप्रैल में 8,483 मामलों का समाधान
आजमगढ़। सख्त मॉनिटरिंग और तेज प्रशासनिक कार्यशैली का असर अब साफ दिखने लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के नेतृत्व में आजमगढ़ ने राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश स्तर पर चौथा स्थान हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है।
राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की अप्रैल माह की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे उत्तर प्रदेश में कुल 3,37,708 मामलों का निस्तारण हुआ। इसमें लखनऊ 18,861 मामलों के साथ पहले, प्रयागराज 12,036 के साथ दूसरे और बाराबंकी 9,139 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
वहीं आजमगढ़ ने 8,483 मामलों का निस्तारण कर चौथा स्थान प्राप्त किया। बरेली भी 8,483 मामलों के साथ पांचवें और जौनपुर 8,274 मामलों के साथ छठे स्थान पर रहा।
📊 प्रशासन की बहुस्तरीय रणनीति सफल
डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि राजस्व प्रकरणों के पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए प्रशासन ने कई स्तरों पर रणनीति लागू की है—
नियमित समीक्षा बैठकें
अधिकारियों के लगातार फील्ड विजिट
‘जनता दर्शन’ के माध्यम से सीधे सुनवाई
आईजीआरएस पोर्टल की सख्त मॉनिटरिंग
लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
⚖️ पुराने मामलों पर विशेष फोकस
जिलाधिकारी ने बताया कि लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें पुराने मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी निरंतर प्रयास का परिणाम है कि आजमगढ़ प्रदेश के टॉप-5 जिलों में शामिल हुआ।
जनपदीय न्यायालयों में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर पहले स्थान पर रहा, जबकि सुल्तानपुर दूसरे और गाजीपुर तीसरे स्थान पर रहे। जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित मामलों में भी जौनपुर प्रदेश में अव्वल रहा।
डीएम रविंद्र कुमार ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इसी कार्यसंस्कृति को बनाए रखते हुए जनहित में पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ कार्य करें, ताकि आम जनता को त्वरित और प्रभावी न्याय मिल सके।






















































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