पहलगाम में क्यों हुआ हमला?हमले के बाद तुरंग गायब आतंकी
कश्मीर के पहलगाम स्थित बाइसारन घाटी में मंलगवार को आतंकी हमला हुआ, जिसमें 27 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और कई घायल हो गए. सभी लोग अलग-अलग राज्यों से अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ छुट्टियां मनाने गए, थे तभी आतंकवादियों ने ऊपर पर अटैक कर दिया. इस घटना के बाद देश भर में आक्रोश देखने को मिल रहा है. लोगों का धर्म पूछ कर उन पर हमला किया गया, हिन्दू नाम सुनते ही गोलियां चला दी.
आतंकवादियों के पर्यटकों पर हमला करने के बहुत से वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं. जिसमें मासूम लोगों का दर्द देखने को मिल रहा है. अब भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं, पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया गया है. सब यही सोच रहे हैं कि आतंकियों ने पहलगाम को हमले के लिए क्यों चुना? क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है.
पहलगाम में इन दिनों गर्मी से राहत पाने और अपनी फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम बिताने के लिए दूर-दूर से भारी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं. यह बहुत खूबसूरत जगह है, प्राकृतिक सौंदर्य से भरी ये जगह हमेशा से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही है. इन दिनों पहलगाम में काफी चहल-पहल देखने को मिल रही है. पिछले कुछ समय से कश्मीर में पर्यटक की संख्या बढ़ी है और अलग-अलग हिस्सों में घूमने के लिए जा रहे हैं. यह कश्मीर की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है. इससे पाकिस्तान आतंकवादियों को परेशानी होनी लगी. वह दिखाना चाहते हैं, कि लोगों में डर खत्म हो गया है. माना जा रहा है कि इस हमले का संदेश यह दिखाना था कि कश्मीर में अभी आतंकवाद खत्म नहीं हुआ है. पहले से की गई थी प्लानिंग पहलगाम में आतंकी हमला कोई मिनटों का खेल नहीं था. इसके लिए आतंकवादियों की पहले से तैयारी थी. भारतीय को नुकसान पहुंचाने के लिए प्लानिंग की गई और सोच-समझकर पहलगाम पर अटैक किया गया. खास बात यह है कि यहां पर अमरनाथ यात्रा के लिए भी शिविर लगाए जा रहे हैं, जिसमें श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है. इसलिए भी भीड़भाड़ काफी बढ़ गई थी और आतंकियों ने यहां हमला करने की सोची.
सुरक्षा में चुक से हुआ हमला? अमरनाथ यात्रा टूर पर हमला होना दिखाता है कि आतंकवादियों का मकसद अमरनाथ यात्रा को बाधित करना है. साथ ही श्रद्धालुओं पर हमला करना है. पहलगाम में सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन सर्विलांस और आरएफआईडी का इस्तेमाल सुरक्षा के लिए किया जाता है, इसके बाद भी हमला हो जाना दिखाता है कि सुरक्षा में कोई चुक रह गई थी. इसी बात का फायदा उठाकर आतंकवादियों ने हमला कर दिया. हमले के बाद तुरंग गायब आतंकी पर्यटकों पर हमला करने के बाद आतंकवादी वहां से गायब हो गए. अचानक से इतने बड़े हमले के बाद फरार हो जाना बहुत अजीब है. ऐसा भी कहा जा रहा है कि पहलगाम के कुछ लोगों ने उन्हें शरण दी है और वह उनका समर्थन कर रहे हैं. हमले के बाद छिपने के लिए पहले से इंतजाम किए हुए थे, जिससे वह पकड़ में नहीं आ पाए. पहलगाम और इसके आसपास का इलाका भारी आबादी वाला है, जिस वजह से यहां पर छिपना बहुत आसान है.



























































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