सुविधाओं से वंचित गरीबों ने समाधान दिवस में बुलंद की आवाज
• सैकड़ों महिला-पुरुष पहुंचे ब्लॉक सभागार, बोले-80 साल बाद भी बस्ती में न रास्ता, न आवास; बिजली बिल और मनरेगा भुगतान को लेकर भी उठाई आवाज
कादीपुर, सुलतानपुर।वृहद सामाजिक संगठन के बैनर तले शनिवार को बड़ी संख्या में गरीब और कथित रूप से सरकारी योजनाओं से वंचित महिला-पुरुष तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में अपनी समस्याएं लेकर ब्लॉक सभागार पहुंचे। संगठन के अध्यक्ष रामकरन के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं और कहा कि आजादी के करीब 80 वर्ष बाद भी गरीब बस्तियों में मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच सकी हैं।
संगठन के अधिकांश लोग क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम के गांव पहाड़पुर बस्तीपुर और आसपास के गांवों से पहुंचे थे। महिलाओं और पुरुषों की भीड़ ने अपनी समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि उनकी बस्तियों में आज भी आवागमन के लिए समुचित रास्ते नहीं हैं। पात्र होने के बावजूद कई परिवार आवास योजना के लाभ से वंचित हैं। राशन कार्ड में भी अनियमितता किए जाने का आरोप लगाया गया।
लाखों के बिजली बिल भेजे जाने का आरोप
संगठन के लोगों ने बिजली व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि गरीब परिवारों के पास हजारों नहीं बल्कि लाखों रुपये के बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि का भुगतान करना संभव नहीं है। लोगों ने बिलों की जांच कराकर वास्तविक उपभोग के आधार पर सुधार कराने की मांग की।
मनरेगा मजदूरी नहीं मिलने का आरोप
संगठन के अध्यक्ष रामकरन ने ग्राम प्रधान पर मनरेगा में काम करने वाले गरीब मजदूरों की मजदूरी का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई मजदूरों के जॉब कार्ड भी रख लिए गए हैं। संगठन ने पूरे मामले की जांच कराकर मजदूरों को उनका हक दिलाने की मांग की।
हर ग्रामसभा की मलिन बस्तियों में लगे शिविर
संगठन की प्रमुख मांग रही कि तहसील क्षेत्र की प्रत्येक ग्रामसभा की मलिन और जरूरतमंद बस्तियों में विशेष शिविर लगाए जाएं। शिविर में पात्र लोगों के राशन कार्ड, आवास, बिजली, रास्ता, मनरेगा, पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों की मौके पर जांच कर समाधान कराया जाए, ताकि गरीबों को अपनी शिकायत लेकर बार-बार तहसील और ब्लॉक के चक्कर न लगाने पड़ें।
संगठन के लोग अपनी मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह को देना चाहते थे। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी से ज्ञापन लेने को कहा। इसके बाद उपजिलाधिकारी बिनीत कुमार ने संगठन का ज्ञापन लेकर समस्याओं के नियमानुसार समाधान का भरोसा दिया।
संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि पात्र गरीबों की समस्याओं का समयबद्ध और धरातलीय समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा सामूहिक रूप से अपनी आवाज अधिकारियों तक पहुंचाएंगे।



























































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