पुत्र कामना पूजन मार्कण्डेय महादेव मंदिर
वाराणसी (कैथी धाम) स्थिति गंगा-गोमती संगम तट पर स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर संतान/पुत्र प्राप्ति की मनोकामना के लिए अत्यंत प्रसिद्ध और फलदायी माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी स्थान पर ऋषि मृकंडू और मरुदमती ने पुत्र रत्न (ऋषि मार्कंडेय) की प्राप्ति के लिए कठोर तपस्या की थी।
पूजन विधि व अनुष्ठान
रुद्राभिषेक: पुत्र कामना के लिए मार्कंडेय महादेव का दुग्धाभिषेक या पंचामृत से रुद्राभिषेक कराना मुख्य माना जाता है।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप: मंदिर प्रांगण में या विद्वान पंडितों के माध्यम से महामृत्युंजय अनुष्ठान या संकल्प पूजन कराया जाता है।
बेलपत्र एवं जलाभिषेक: राम-नाम लिखे 108 बेलपत्र और गंगाजल अर्पित कर संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी जाती है।
दंपति संकल्प: पति-पत्नी दोनों को एक साथ बैठकर आचमन व संकल्प लेकर पूजन में शामिल होना चाहिए।
प्रमुख नियम व सुझाव
शुभ समय: सावन मास, महाशिवरात्रि, प्रदोष व्रत या किसी भी सोमवार को यह पूजन कराना विशेष शुभ होता है।
संगम स्नान: पूजन से पूर्व गंगा-गोमती संगम में स्नान करने का विशेष महत्व है।
संकल्प पूर्ति: मनोकामना पूरी होने के बाद दंपति पुनः दर्शन कर महादेव का।



























































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