बस्ती में आजमगढ़ के थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की संदिग्ध मौत, सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला शव
•18 अप्रैल को संभाली थी वाल्टरगंज थाने की कमान, 57 वर्षीय सूर्य प्रकाश सिंह करीब चार दशक से पुलिस सेवा में थे; मोबाइल स्टेटस ने खड़े किए कई सवाल
बस्ती/आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से पुलिस महकमे को झकझोर देने वाली दुखद खबर सामने आई है। वाल्टरगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह (57) शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर के पास स्थित अपने सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटके मिले। प्रथमदृष्टया पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि घटना की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। मौके से किसी सुसाइड नोट की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
आजमगढ़ के भीलमपुर छपरा गांव के रहने वाले थे सूर्य प्रकाश
सूर्य प्रकाश सिंह मूल रूप से आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के भीलमपुर छपरा गांव के रहने वाले थे। करीब 57 वर्ष की उम्र में भी वह पुलिस विभाग में सक्रिय रूप से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और दो बेटियां हैं। परिवार के कुछ सदस्य लखनऊ में रहते थे।
बताया गया है कि सूर्य प्रकाश सिंह के बड़े बेटे का नाम संदीप सिंह है। परिवार और गांव में इस घटना की सूचना पहुंचने के बाद शोक का माहौल है।
1988 में आरक्षी के पद पर शुरू की थी पुलिस सेवा
सूर्य प्रकाश सिंह ने वर्ष 1988 में आरक्षी के पद पर पुलिस सेवा शुरू की थी। लगभग चार दशक के लंबे सेवाकाल में उन्होंने विभिन्न स्थानों पर जिम्मेदारियां निभाईं और बाद में उपनिरीक्षक स्तर तक पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक वह वर्ष 2016 में दरोगा बने थे।
सिद्धार्थनगर से स्थानांतरण के बाद वह बस्ती आए थे। बस्ती में शुरुआती तैनाती पुलिस विभाग के अलग-अलग दायित्वों में रही। उनकी कार्यशैली को देखते हुए बाद में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई।
18 अप्रैल 2026 को बने थे वाल्टरगंज थाने के प्रभारी
सूर्य प्रकाश सिंह को 18 अप्रैल 2026 को वाल्टरगंज थाने का प्रभारी बनाया गया था। इससे पहले वह सिद्धार्थनगर में तैनात थे और स्थानांतरण के बाद बस्ती आए थे। बस्ती में पुलिस लाइन/अन्य दायित्वों के बाद उन्हें वाल्टरगंज थाने की कमान सौंपी गई थी।
थाने के कर्मचारियों के अनुसार वह शनिवार को भी नियमित रूप से कामकाज में सक्रिय रहे। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने स्टाफ के साथ बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। इसके बाद वह अपने सरकारी वाहन से शहर स्थित आवास की ओर चले गए।
दोपहर में आवास पहुंचे, शाम को कमरे में मिला शव
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सूर्य प्रकाश सिंह शनिवार दोपहर करीब एक बजे अपने कुछ सहकर्मियों के साथ सरकारी आवास पहुंचे थे। उनके साथ आए पुलिसकर्मी बाहर/चौकी पर रुक गए, जबकि सूर्य प्रकाश सिंह आराम करने के लिए अपने आवास में चले गए।
शाम करीब 6:45 बजे उनके साथी उपनिरीक्षक बलराम गौड़ आवास पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद भी जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो पुलिसकर्मियों को अनहोनी की आशंका हुई।
दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया तो सूर्य प्रकाश सिंह फंदे से लटके मिले। सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। कुछ ही देर में पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए।
वर्दी में मिले, पंखे से फंदे की बात सामने आई
पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सूर्य प्रकाश सिंह कमरे में वर्दी पहने हुए थे और पंखे से फंदे के सहारे लटके मिले। कुछ रिपोर्टों में फंदे के लिए गमछे के इस्तेमाल की बात कही गई है। हालांकि घटना की परिस्थितियों और मृत्यु के कारण की अंतिम पुष्टि जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।
मोबाइल के स्टेटस ने बढ़ाई उलझन
घटना के बाद सूर्य प्रकाश सिंह के मोबाइल पर लगाए गए एक स्टेटस की चर्चा भी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने लिखा था—
“धन संपदा भी आवश्यक है, परंतु शांति और प्रेम से बढ़कर नहीं।”
इस स्टेटस ने घटना को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि केवल इस संदेश के आधार पर उनकी मौत के कारण के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। पुलिस मोबाइल फोन, घटनास्थल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
डीआईजी और एसपी समेत आला अधिकारी पहुंचे मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी संजीव त्यागी, बस्ती के एसपी डॉ. यशवीर सिंह समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम ने आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। अभी तक आत्महत्या के पीछे किसी निश्चित कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
चार साल बाद होने वाले थे सेवानिवृत्त
परिवार और परिचितों के मुताबिक सूर्य प्रकाश सिंह की पुलिस सेवा पूरी होने में अब कुछ ही वर्ष शेष थे। ऐसे में लंबे सेवाकाल के बाद उनका इस तरह अचानक चले जाना परिवार, सहकर्मियों और परिचितों के लिए बेहद सदमे वाली घटना है।
वाल्टरगंज थाने में भी घटना की खबर पहुंचते ही सन्नाटा छा गया। सहकर्मी उन्हें जिंदादिल और सक्रिय पुलिसकर्मी के रूप में याद कर रहे हैं।
जांच से खुलेगा मौत का राज
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 57 वर्ष की उम्र में लंबे पुलिस सेवाकाल और थाने की जिम्मेदारी संभाल रहे सूर्य प्रकाश सिंह ने ऐसा कदम क्यों उठाया? क्या वह किसी मानसिक दबाव में थे, कोई पारिवारिक या व्यक्तिगत परेशानी थी अथवा कोई अन्य कारण—इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, मोबाइल फोन और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत की वास्तविक परिस्थितियों पर स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।






















































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