कृषक उत्पादक संगठनों को व्यवसायिक मॉडल विकसित करने पर दिया गया प्रशिक्षण
देवरिया।कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सुदृढ़ बनाने एवं उनके व्यवसायिक विकास के उद्देश्य से गुरुवार को कृषक प्रशिक्षण केंद्र, बैतालपुर, देवरिया में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना, भाटपाररानी के अध्यक्ष मांधाता सिंह ने एफपीओ के प्रतिनिधियों को व्यवसायिक मॉडल विकसित करने के संबंध में जानकारी दी, ताकि संगठन और उससे जुड़े किसान सदस्य बेहतर दिशा में कार्य कर सकें।
प्रशिक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने एफपीओ के गठन, उद्देश्यों, बाजार की संभावनाओं तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। पूर्वांचल पोल्ट्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निदेशक वेद व्यास सिंह ने बीज उत्पादन के माध्यम से कंपनी के सदस्यों को हो रहे लाभ की जानकारी दी। वहीं, गड़ेर फिश फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के श्री संकर्षण शाही ने मत्स्य उत्पादन एवं बाजार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। अन्य एफपीओ के प्रतिनिधियों ने भी अपने संगठनों द्वारा कृषि क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों एवं अनुभव साझा किए।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि एफपीओ में केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रहकर पशुपालन, मत्स्य पालन, प्राकृतिक खेती सहित अन्य गतिविधियों को शामिल करते हुए विविधीकरण किया जा सकता है। इससे एफपीओ और उससे जुड़े किसानों की आय बढ़ाने की बेहतर संभावनाएं बनेंगी। उन्होंने कंपनी को होने वाले लाभ में सदस्यों को लाभांश देने पर भी जोर दिया।
कृषि मंत्री ने कहा कि जनपद में मक्का, तिलहन एवं दलहन के क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। एफपीओ का गठन केवल अनुदान प्राप्त करने के उद्देश्य से नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि ऐसा व्यवसायिक मॉडल विकसित किया जाए, जिससे कंपनी के साथ-साथ उससे जुड़े किसान सदस्यों का भी निरंतर विकास हो सके।
उप कृषि निदेशक सुभाष मौर्य ने भी कृषक उत्पादक संगठनों की कार्यप्रणाली एवं उनके महत्व की जानकारी दी।
प्रशिक्षण में जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी बैतालपुर, डीडीएम नाबार्ड, कृषि ज्ञान केंद्र देवरिया, अग्रणी जिला प्रबंधक सहित 26 फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों के निदेशकों ने प्रतिभाग किया।



























































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