जिलाधिकारी ने तीन विकासखंडों के बेसिक विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण, आंगनबाड़ी केंद्र का भी लिया जायजा
• जिलाधिकारी स्वयं एक कुशल शिक्षक की निभाई भूमिका
देवरिया ।जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आज विकासखंड भटनी के प्राथमिक विद्यालय गांगी, विकासखंड भलुअनी के प्राथमिक विद्यालय पड़ौली एवं विकासखंड देवरिया के उच्च प्राथमिक विद्यालय मुजहना भटपुरवां तथा विकास खण्ड गौरी बाजार के आंगनवाडी केन्द्र पोखरभिण्डा का निरीक्षण किया। तीनों विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति संतोषजनक पाई गई तथा शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए पाया गया। जिलाधिकारी ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि बच्चों की उपस्थिति और शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित करें।
इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में निपुण लक्ष्य एवं निपुण तालिका पर विशेष फोकस किया जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चे निर्धारित दक्षताओं को शीघ्र प्राप्त कर सकें। हमारा प्रयास है कि जनपद के सभी विद्यालयों और विकासखंडों को जल्द से जल्द निपुण बनाया जाए। निरीक्षण के दौरान पोखरभिंडा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भी जायजा लिया गया, जहां बच्चों की उपस्थिति कम पाई गई। आंगनबाड़ी कार्यकत्री को और अधिक सक्षम बनाने के लिए प्रशिक्षण दिलाए जाने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) को दिए गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (म्ब्ब्म्) पर विशेष जोर दिया जाना आवश्यक है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को ‘पहल’ पुस्तक के माध्यम से उनकी उम्र एवं क्षमता के अनुरूप गतिविधियों से जोड़ते हुए सीखने का अवसर दिया जाए, ताकि जब बच्चे पहली कक्षा में प्रवेश करें तो उनके अंदर आवश्यक बुनियादी दक्षताएं विकसित हो चुकी हों और वे भी शीघ्र निपुण बन सकें।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान एक कुशल पर्यवेक्षक व शिक्षक की भूमिका में नजर आयें। वे श्यामपट्ट पर बच्चों को गणित से संबंधित प्रश्नो को हल कराया। बच्चे सही जवाब दे रहे थे, जिस पर जिलाधिकारी काफी प्रशन्नता व्यक्त किये। एक कक्षा मे तो बच्चों के समक्ष नीचे बैठ कर उनसे पुस्तक पढवाया। बच्चों ने सही रुप से पुस्तक का पाठन किया। वहीं दूसरी तरफ जिलाधिकारी ने उपस्थित शिक्षकों को एक कुशल पर्यवेक्षक की भांति उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिए जाने के लिये प्रेरित भी किया। कहा कि निपुण तालिका, संदर्शिका के अनुरुप पठन पाठन सुनिश्चित करायें, इससे जनपद शिक्षा के क्षेत्र में निपुण होगा।
























































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