संविदा कर्मी की करंट से मौत के बाद फूटा गुस्सा, परिजनों ने लगाया जाम
•एसडीएम को सौंपा सात सूत्रीय मांग पत्र, एक करोड़ रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी और जमीन की मांग
कादीपुर (सुल्तानपुर)। अखंडनगर थाना क्षेत्र के अलीपुर निवासी संविदा विद्युत कर्मी जितेंद्र कुमार की ड्यूटी के दौरान करंट लगने से हुई मौत के बाद शुक्रवार को पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने कादीपुर-अखंडनगर मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। घटना से नाराज लोगों ने अलीपुर विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचकर विरोध जताया। इस दौरान उपकेंद्र में तोड़फोड़, एक अन्य संविदा कर्मी के साथ मारपीट तथा पुलिस व निजी वाहनों को नुकसान पहुंचाने की भी घटना सामने आई।
बताया जा रहा है कि नेपई विद्युत क्षेत्र के पीपरीपट्टी गांव में लाइन में आए फॉल्ट को ठीक करने के लिए संविदा कर्मी जितेंद्र कुमार बिजली के खंभे पर चढ़े थे। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने नियमानुसार शटडाउन लिया था, लेकिन इसके बावजूद लाइन में अचानक विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। इससे उन्हें तेज करंट लगा और वह खंभे से नीचे गिर पड़े। गंभीर झुलसने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग अलीपुर विद्युत उपकेंद्र पहुंच गए और विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित भीड़ ने उपकेंद्र परिसर में तोड़फोड़ कर दी तथा वहां मौजूद एक संविदा कर्मी के साथ मारपीट भी की। हंगामे के दौरान पुलिस की एक जिप्सी, एक कार और एक मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई। स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाया गया और किसी तरह हालात पर काबू पाया गया।
शुक्रवार शाम शव गांव पहुंचने पर शोक और आक्रोश का माहौल और गहरा गया। सूचना पर उपजिलाधिकारी कादीपुर मंजुल मयंक ,क्षेत्राधिकारी विनय गौतम तथा स्थानीय विधायक राजेश गौतम मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर घटना की निष्पक्ष जांच कराने और शासन स्तर पर हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। काफी देर तक चली वार्ता के बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
इस दौरान मृतक की पत्नी निर्मला देवी ने उपजिलाधिकारी को सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में परिवार के भरण-पोषण और बच्चों के भविष्य को देखते हुए एक करोड़ रुपये का मुआवजा, प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सरकारी आवास, पत्नी एवं बच्चों के नाम एक बीघा भूमि का आवंटन, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, नियमित विधवा पेंशन तथा विद्युत विभाग से बीमा एवं अन्य देय क्लेम की राशि शीघ्र दिलाने की मांग की गई है।
परिजनों ने मांग पत्र में यह भी आग्रह किया है कि घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर ग्राम सभा अलीपुर कांपा के किसी भी ग्रामीण या बच्चे के खिलाफ कोई फर्जी मुकदमा दर्ज न किया जाए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की भी मांग की है।
मृतक जितेंद्र कुमार अपने पीछे पत्नी निर्मला देवी, सात वर्षीय पुत्र आलोक, पांच वर्षीय एक अन्य पुत्र तथा अन्य परिजनों को छोड़ गए हैं। परिवार का कहना है कि जितेंद्र ही घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वास्तव में शटडाउन के बावजूद लाइन चालू की गई है, तो यह गंभीर लापरवाही है और इसकी उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।























































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