पूर्व बाहुबली सांसद के करीबी है हम डॉक्टर ने कहा रची जा रही है मेरी हत्या की साजिश
•नौकरी से निकाले जाने के बाद योजना बनाने का आरोप, CCTV से निगरानी का खुलासा होने का दावा
आजमगढ़। जनपद के तरवां थाना क्षेत्र में एक डॉक्टर ने पूर्व कर्मचारियों समेत तीन लोगों पर अपनी हत्या की साजिश रचने, पीछा करने और अस्पताल की गतिविधियों पर नजर रखने का गंभीर आरोप लगाया है। डॉक्टर की तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, प्रयागराज जिले के थरवई थाना क्षेत्र के मथुरा उर्फ पारनडीह निवासी डॉ. श्यामलाल तरवां थाना क्षेत्र के कमहरिया में हीरो एजेंसी के सामने कृष्णा ऑर्थो केयर सेंटर नाम से अस्पताल संचालित करते हैं। तहरीर में डॉक्टर ने बताया कि हरिओम उर्फ गोलू पुत्र संजय कुमार निवासी सिकंदरा, थाना बहरिया, प्रयागराज और सिद्धार्थ पुत्र मुन्ना निवासी सिलोखरा, थाना बहरिया, प्रयागराज उनके अस्पताल में नौकरी करते थे। आरोप है कि दोनों के चाल-चलन ठीक नहीं होने के कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया था। डॉक्टर का आरोप है कि नौकरी से निकाले जाने के बाद दोनों उनसे रंजिश रखने लगे और उन्होंने प्रयागराज के बहरिया थाना क्षेत्र के बकसेड़ा गांव निवासी रजित यादव को अपने साथ लेकर उनकी हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी। आरोप के मुताबिक, तीनों कई दिनों से डॉक्टर का पीछा कर रहे थे और अस्पताल आने-जाने के दौरान उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। तहरीर में डॉ. श्यामलाल ने बताया कि उन्हें जब लगातार पीछा किए जाने का शक हुआ तो उन्होंने अस्पताल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखी। डॉक्टर का दावा है कि फुटेज में वही तीनों लोग अस्पताल के आसपास घूमते और उनकी गतिविधियों पर नजर रखते दिखाई दिए। इसके बाद डॉक्टर ने कमहरिया निवासी प्रवीण सिंह उर्फ मठल्लू को पूरी जानकारी देते हुए मदद मांगी। तहरीर के अनुसार, प्रवीण सिंह ने तीनों संदिग्धों को खरिहानी में अपनी दुकान के पास देखा और उन्हें बातचीत के लिए दुकान पर बुलाया। डॉक्टर का दावा है कि बातचीत के दौरान प्रवीण सिंह ने अपने मोबाइल से डॉक्टर के मोबाइल पर फोन कर दिया, जिससे डॉक्टर ने उनके बीच हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि बातचीत के दौरान तीनों ने डॉक्टर की हत्या की साजिश से संबंधित बातें बताईं। तहरीर में डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया है कि बातचीत के दौरान तीनों ने खुद को पूर्व सांसद का आदमी बताया। डॉक्टर ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उनके पूर्व सांसद से पारिवारिक संबंध हैं और उनका उनके यहां आना-जाना भी है। डॉक्टर का आरोप है कि उनकी हत्या की साजिश के साथ-साथ राजनीतिक विद्वेष के चलते पूर्व सांसद को बदनाम करने की कोशिश भी की जा रही है। डॉक्टर के मुताबिक, आरोपियों द्वारा की जा रही निगरानी के चलते वह अपने अस्पताल से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि अस्पताल से बाहर न निकलने के कारण आरोपी कथित तौर पर अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद दोबारा निगरानी किए जाने का आरोप लगाते हुए डॉक्टर ने अपनी जान को खतरा बताया है। तहरीर में डॉक्टर ने कहा है कि उन्हें आशंका है कि आरोपी कभी भी उनकी हत्या कर सकते हैं या किसी अन्य के माध्यम से हत्या करा सकते हैं। भय के कारण वह न तो सामान्य रूप से कहीं आ-जा पा रहे हैं और न ही अपने अस्पताल का संचालन ठीक से कर पा रहे हैं। डॉक्टर ने स्थानीय थाना तरवां में भी शिकायत दिए जाने का उल्लेख करते हुए उच्चाधिकारियों से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की थी। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर हरिओम उर्फ गोलू, सिद्धार्थ और रजित यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले में लगाए गए आरोपों, CCTV फुटेज और कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।




















































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