तीन ग्राम प्रधान नहीं बन सके प्रशासक तीन सदस्यीय समितियां बनने के बाद भी नहीं शुरू हुआ खातों का संचालन
आजमगढ़। जिले की तीन ग्राम पंचायतों में वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज होने के कारण संबंधित ग्राम प्रधान प्रशासक का कार्यभार नहीं संभाल सके हैं। इससे गांवों में विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और कई महत्वपूर्ण योजनाएं पिछले कई महीनों से ठप पड़ी हैं। जानकारी के अनुसार रानी की सराय विकास खंड के मैनपारपुर, मिर्जापुर ब्लॉक के दमदियावन तथा सठियांव ब्लॉक के सोनपार ग्राम पंचायतों में प्राप्त शिकायतों के आधार पर जांच कराई गई थी। जांच के बाद संबंधित ग्राम प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन किसी भी प्रधान ने निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद विभाग की ओर से नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई। बावजूद इसके कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर अंतिम चेतावनी जारी की गई, लेकिन तब भी प्रधानों ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद जिलाधिकारी के अनुमोदन पर विभाग ने शिकायतों को सही मानते हुए तीनों ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए। गांवों में विकास कार्यों को जारी रखने के उद्देश्य से तीन सदस्यीय समितियों का गठन किया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि समिति गठन के बाद विकास योजनाएं दोबारा गति पकड़ेंगी, लेकिन अब तक पंचायत खातों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग समेत अन्य विकास कार्य प्रभावित हैं। साथ ही ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर नहीं मिल पा रहा है। उधर, 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायत चुनाव न होने की स्थिति में शासन ने सभी ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने की अनुमति प्रदान की थी। इस संबंध में जिलाधिकारी कार्यालय से आवश्यक आदेश भी जारी किए गए, लेकिन जिन ग्राम प्रधानों के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार पहले से सीज हैं, वे प्रशासक का दायित्व नहीं संभाल सके। परिणामस्वरूप संबंधित ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार पूरी तरह प्रभावित हो गई है




















































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