देवरिया भाजपा की कमान अब काली प्रसाद के हाथ, एक साल की अटकलों पर लगा विराम
देवरिया । देवरिया की सियासत में लंबे समय से चल रही उठापटक आखिरकार गुरुवार को थम गई। भारतीय जनता पार्टी ने जिले की कमान पूर्व विधायक काली प्रसाद को सौंपते हुए उन्हें नया जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया। प्रदेश नेतृत्व के इस फैसले के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पिछले एक वर्ष से जिलाध्यक्ष पद को लेकर दावेदारों की लंबी फेहरिस्त और अंदरखाने की खींचतान चर्चा का विषय बनी हुई थी, लेकिन पार्टी ने आखिरकार अनुभवी चेहरे पर दांव खेल दिया।
सलेमपुर सुरक्षित विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रह चुके काली प्रसाद को संगठन का मजबूत और जमीन से जुड़ा नेता माना जाता है। दलित वर्ग से आने वाले काली प्रसाद लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय रहे हैं और बूथ से लेकर जिला स्तर तक संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती रही है। पार्टी ने उनके अनुभव, कार्यकर्ताओं में पकड़ और संगठनात्मक सक्रियता को देखते हुए यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
भाजपा नेतृत्व के इस फैसले को आगामी चुनावों की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी देवरिया में सामाजिक समीकरण साधने के साथ-साथ संगठन को और धार देने की तैयारी में है। काली प्रसाद की ताजपोशी से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है, वहीं कई दावेदारों की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब काली प्रसाद के सामने सबसे बड़ी चुनौती गुटबाजी खत्म कर संगठन को एकजुट रखना होगी। क्योंकि बीते कुछ महीनों में देवरिया भाजपा के भीतर अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आई थी। ऐसे में नए जिलाध्यक्ष के तौर पर उन्हें संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होगा।
देवरिया भाजपा की इस नई नियुक्ति ने साफ कर दिया है कि पार्टी अब जिले में अनुभव और संगठनात्मक पकड़ वाले चेहरों पर भरोसा जता रही है।

























































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