Politics News / राजनीतिक समाचार

बहुचर्चित उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सुनाई पूरी ABCD, कहा- सपा राज में शिक्षा की हुई बर्बादी

उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों ‘ABCD’ की जंग छिड़ी हुई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीजेपी सरकार पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उसी ‘ABCD’ से सपा शासनकाल पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने कहा कि अगर अखिलेश को सही ‘ABCD’ आती होती, तो आज उनकी पार्टी सत्ता से बाहर न होती।

राजभर ने ‘सपा काल की एबीसीडी’ का मतलब समझाते हुए कहा, ‘A’ से अराजकता, ‘B’ से भ्रष्टाचार, ‘C’ से चोरी और ‘D’ से दलाली, यही सपा की पहचान थी। उन्होंने ‘Y’ से ‘यादववाद’ और ‘Z’ से ‘जीरो बदलाव’ तक पूरा अंग्रेजी वर्णमाला गिनाते हुए सपा की नीतियों को जातिवादी और भाई-भतीजावादी बताया।

सपा सरकार में शिक्षा का हुआ था बुरा हाल

ओम प्रकाश राजभर ने विशेष रूप से सपा सरकार में शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश के राज में सरकारी स्कूल बच्चों की पढ़ाई के बजाय नकल माफिया और भर्ती घोटालों के लिए बदनाम थे। उन्होंने कहा, टूटी हुई दीवारें, गिरती हुई छतें, गंदे टॉयलेट और घटती हुई बच्चों की संख्या, यही सपा काल की शिक्षा का असली चेहरा था।

योगी सरकार ने शिक्षा में लाए क्रांतिकारी बदलाव
इसके उलट, राजभर ने योगी सरकार के दौरान शिक्षा में हुए बदलावों की तारीफ की। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत ₹11,500 करोड़ खर्च करके 96% से ज़्यादा सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं दी गई हैं। ‘स्कूल चलो अभियान’ के जरिए इस साल 27 लाख से ज़्यादा बच्चों का नामांकन हुआ है। इसके अलावा, हर जिले में दो ‘मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय’ और 18 मंडलों में ‘अटल आवासीय विद्यालय’ खोले गए हैं, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं।

राजभर ने दावा किया कि योगी सरकार के प्रयासों का असर दिख रहा है, और ASER 2024 जैसी रिपोर्ट्स भी यूपी में शिक्षा के स्तर में सुधार की गवाही दे रही हैं। उन्होंने कहा कि सपा राज में शिक्षा के मंदिर ढहे, भाजपा राज में ज्ञान के दीप जले।

ओपी राजभर ने सुनाई पूरी ABCD

A – अराजकता (शासन में स्थायित्व की कमी)
B – भ्रष्टाचार (नेताओं पर बार-बार घोटालों के आरोप)
C – चोर (इनके राज में बोलबोला)
D – दलाली (टिकट और पद के बदले सिफारिश की राजनीति)
E – ईर्ष्या (दूसरे दलों की उपलब्धियों को नीचा दिखाना)
F – फर्जीवाद (उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना)
G – गुंडागर्दी (कार्यकर्ताओं पर दबंगई के आरोप)
H – हेराफेरी (योजनाओं में वित्तीय गड़बड़ी)
I – इंफ्रास्ट्रक्चर की अनदेखी (विकास की बजाय वोट बैंक की राजनीति)
J – जातिवाद (नीतियों का झुकाव खास जातियों की ओर)
K – कुशासन (प्रशासनिक नियंत्रण में ढिलाई)
L – लाल बत्ती संस्कृति (वीआईपी कल्चर को बढ़ावा)
M – मुलायम रुख (अपराधियों के प्रति नरम रवैया)
N – नौटंकी (चुनावी वादों में नाटकीयता)
O – ओछी राजनीति (विरोधियों पर निजी हमले)
P – पिछड़ापन (राज्य को आगे बढ़ाने में विफलता)
Q – क्वालिटी की कमी (शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में गिरावट)
R – रिश्तेदारवाद (अपने लोगों को पद देना)
S – सांप्रदायिक तुष्टिकरण (वोट के लिए धार्मिक वर्गों को खुश करना)
T – टोपी ड्रामा (प्रतीकों के ज़रिये दिखावटी सेक्युलरिज़्म)
U – उदासीनता (युवाओं और बेरोज़गारी के मुद्दों पर निष्क्रियता)
V – वोट बैंक (नीतियाँ विकास नहीं, जाति-धर्म के हिसाब से)
W – विकास का वादा अधूरा (केवल नारों में सीमित विकास)
X – X-फैक्टर की कमी (नया नेतृत्व देने में असफल)
Y – यादववाद (पार्टी पर एक जाति विशेष का नियंत्रण)
Z – Zero बदलाव (वर्षों बाद भी वही पुरानी राजनीति)


Leave a comment

Educations

Sports

Entertainment

Lucknow

Azamgarh