झोपड़ी में लगी आग से मां व उसकी चार मासूम बच्चियों की जलकर मौत
कुशीनगर। जिले में आग के कहर से पांच जिंदगियां खत्म हो गईं। यह आग रामकोला थाना क्षेत्र के माघी मठिया गांव में बुधवार दोपहर को लगी। आग लगते ही एक ही झटके शेर मोहम्मद का पूरा परिवार समाप्त हो गया। इस घटना में चार मासूम बच्चियां और उनकी मां जिंदा जल गईं।
मिली जानकारी के अनुसार माघी मठिया निवासी शेर मोहम्मद पैर से दिव्यांग है। वह ऑटो चलाकर परिवार को भरण पोषण करता है। रोज की तरह बुधवार को भी ऑटो लेकर रुपये कमाने निकल गया। घर में उसकी पत्नी फातिमा (30), बेटियां कुलसुम (8), रोकई (6), आयशा (2), अमीना (4), खतीजा (2 महीने), दादा शफीक (70) व दादी मोतीरानी (68) मौजूद थीं। दोपहर में तेज हवा चलने के दौरान सभी घर के अंदर सो रहे थे। घर के बाहर झोपड़ी डाल रखी थी। दोपहर में सभी घर के अंदर सो रहे थे। वहीं दोपहर में करीब तीन बजे झोपड़ी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग की लपटें झोपड़ी से निकल कर पक्के मकानों तक पहुंच गई। वहां सभी सो रहे थे। जब तक उनकी नींद खुलती तब तक सभी आग में बुरी तरह से घिर चुके थे। उनकी चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग जुट गए। ग्रामीणों ने पंपिंग सेट चलाकर पानी फेंकने का क्रम शुरू किया। जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक फातिमा व उसकी बेटियां रोकई, आयशा, अमीना व खतीजा की जलकर मौत हो चुकी थी।
डीएम रमेश रंजन, एसपी धवल जायसवाल, एडीएम देवीदयाल वर्मा, एसडीएम सदर महात्मा सिंह, सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया सहित कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। डीएम ने मृतकों के नाम चार-चार लाख रुपये आपदा राहत कोष से देने की घोषणा की।






















































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